मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
Jaislmer news

नगर विकास न्यास जैसलमेर की 1750 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त

मुख्य बिंदु
  • लोकायुक्त में दर्ज प्रकरणों एवं विभिन्न परिवादियों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों के मद्देनज़र जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास ने राजस्व ग्राम हमीरा के कई महत्वपूर्ण खसरों पर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
  • नगर विकास न्यास, जैसलमेर के नाम दर्ज खसरा संख्या 31, 32, 33, 36, 37, 73, 86, 87, 88, 268, 274, 277, 281/434, 300, 305/422, 301, 304, 307, 330, 333, 343, 360, 361 पर लंबे समय से चल रहे अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया।
  • इस कार्रवाई का नेतृत्व नगर विकास न्यास सचिव सुखाराम पिण्डेल, नगर विकास न्यास तहसीलदार गेगाराम मीणा,, पटवारी, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, पुलिस थाना सदर के थानाधिकारी प्रेमदान सहित पुलिस जाब्ते ने संयुक्त रूप से किया।
  • अभियान के दौरान लगभग 1750 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त करते हुए नगर विकास न्यास के कब्जे में पुनः लिया गया, जो कि शहर के नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
WAf𝕏TGin✉🖨
नगर विकास न्यास जैसलमेर की 1750 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त

जैसलमेर। लोकायुक्त में दर्ज प्रकरणों एवं विभिन्न परिवादियों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों के मद्देनज़र जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास ने राजस्व ग्राम हमीरा के कई महत्वपूर्ण खसरों पर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

नगर विकास न्यास, जैसलमेर के नाम दर्ज खसरा संख्या 31, 32, 33, 36, 37, 73, 86, 87, 88, 268, 274, 277, 281/434, 300, 305/422, 301, 304, 307, 330, 333, 343, 360, 361 पर लंबे समय से चल रहे अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया।

इस कार्रवाई का नेतृत्व नगर विकास न्यास सचिव सुखाराम पिण्डेल, नगर विकास न्यास तहसीलदार गेगाराम मीणा,, पटवारी, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, पुलिस थाना सदर के थानाधिकारी प्रेमदान सहित पुलिस जाब्ते ने संयुक्त रूप से किया।

अभियान के दौरान लगभग 1750 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त करते हुए नगर विकास न्यास के कब्जे में पुनः लिया गया, जो कि शहर के नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

नगर विकास न्यास सचिव पिण्डेल ने कहा कि भविष्य में भी न्यास की सभी दर्ज भूमियों पर अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमित कार्रवाई जारी रहेगी एवं अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध संबंधित प्रावधानों के अनुसार कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।