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जीवन में ख़ुशी और सफलता के लिए हार्टफुलनेस ध्यान का महत्व पर कार्यशाला

मुख्य बिंदु
  • तकनीकी एवं अभ्यान्त्रिकी महाविद्यालय, एमपीयुएटी के सिविल इंजिनीरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के दौरान हार्टफुलनेस ध्यान से ख़ुशी और सफलता कैसे प्राप्त करें विषय पर विशेष ध्यान सत्र एंव संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • इस विशेष सत्र के दौरान विशिष्ट अतिथि एवं हार्टफुलनेस केंद्र समन्वयक डॉ राकेश दशोरा ने विषय का परिचय दिया और जीवन में सफलता के सूत्र बताये।
  • उन्होंने बताया कि किस प्रकार ध्यान हमें सफलता और ख़ुशी के लिए प्रेरित करता है ।
  • कार्यक्रम कि मुख्य अतिथि हार्टफुलनेस ज़ोन समन्वयक श्रीमति मधु महता ने विद्यार्थियों को ध्यान की अनुभवात्मक खूबी के बारे में बताया और ध्यान से पूर्व सभी उपस्थित विद्यार्थियों को शिथिलीकरण का अभ्यास कारवाया.
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जीवन में ख़ुशी और सफलता के लिए हार्टफुलनेस ध्यान का महत्व पर कार्यशाला

उदयपुर, . तकनीकी एवं अभ्यान्त्रिकी महाविद्यालय, एमपीयुएटी के सिविल इंजिनीरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के दौरान हार्टफुलनेस ध्यान से ख़ुशी और सफलता कैसे प्राप्त करें विषय पर विशेष ध्यान सत्र एंव संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस विशेष सत्र के दौरान विशिष्ट अतिथि एवं हार्टफुलनेस केंद्र समन्वयक डॉ राकेश दशोरा ने विषय का परिचय दिया और जीवन में सफलता के सूत्र बताये। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ध्यान हमें सफलता और ख़ुशी के लिए प्रेरित करता है ।

कार्यक्रम कि मुख्य अतिथि हार्टफुलनेस ज़ोन समन्वयक श्रीमति मधु महता ने विद्यार्थियों को ध्यान की अनुभवात्मक खूबी के बारे में बताया और ध्यान से पूर्व सभी उपस्थित विद्यार्थियों को शिथिलीकरण का अभ्यास कारवाया. कार्यक्रम में उपस्थित डॉ सुबोध शर्मा, हार्टफुलनेस ट्रेनर एवं पूर्व अधिष्ठाता एमपीयुएटी ने जीवन में संतोष, शांति, सहानुभूति, समानुभूति, साहस और निर्णय क्षमता बढ़ाने और मानव विकास में ध्यान की भूमिका पर एक इन्टरएक्टिवे सत्र लिया।

उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को हार्टफुलनेस पध्यती के प्राणाहुती आधारित ध्यान का प्रायोगिक अनुभव भी करवाया जिससे कुछ ही पलों में उन्हें शांति, विचार शुन्यता और सुकून का अनुभव हुआ ।

सिविल इंजिनीरिंग विभाग के अतिथि फैकल्टी यश अग्रवाल, प्रदीप पंड्या और रोहित यादव ने विभागाद्यक्ष डॉ त्रिलोक गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का कुशल आयोजन किया।

प्रोग्राम समन्वयक श्री मोहन बोरना ने बताया कि इस तीन दिवसीय हार्टफुलनेस ध्यान कार्यक्रम के दूसरे दिन हार्टफुलनेस रिजुविनेशन और तीसरे दिन स्वयं और अपने आस पास सामंजस्यता निर्माण में हार्टफुलनेस ध्यान के महत्व पर अनुभवात्मक कार्यशाला आयोजित कि जाएगी।