मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 24 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Entertainment

“लफ़्ज़ों की महफ़िल” – एक नई पहल,आप के लिखे शब्दों की नई पहचान

मुख्य बिंदु
  • पूरे भारत के साहित्यकारों के लिए एक खुशखबरी, उदयपुर से हिंदी की नई साहित्यिक पत्रिका “लफ़्ज़ों की महफ़िल” ( डिजिटल प्रारूप में) का शुभारंभ जल्द किया जा रहा है।
  • “लफ़्ज़ों की महफ़िल” के संपादक अकबर शाद और संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि उदयपुर से हिंदी साहित्य को समर्पित मासिक एक नई साहित्यिक पत्रिका का शुभारंभ होने जा रहा है।
  • साहित्य केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि वह एक जीवंत माध्यम है जो विचारों, संवेदनाओं और भावनाओं के द्वारा समाज की आत्मा को अभिव्यक्त करता है।
  • यह वह सतत प्रवाह है जो समय के साथ बहता हुआ, हर युग में नई चेतना और नई संवेदना लेकर आता है।
  • इस पत्रिका का उद्देश्य हिंदी साहित्य को एक सृजनात्मक मंच प्रदान करना है, जहाँ अनुभवी और नवोदित दोनों रचनाकार अपनी लेखनी के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें।
WAf𝕏TGin🖨
“लफ़्ज़ों की महफ़िल” – एक नई पहल,आप के लिखे शब्दों की नई पहचान

उदयपुर (राजस्थान)। पूरे भारत के साहित्यकारों के लिए एक खुशखबरी, उदयपुर से हिंदी की नई साहित्यिक पत्रिका “लफ़्ज़ों की महफ़िल” ( डिजिटल प्रारूप में) का शुभारंभ जल्द किया जा रहा है।

“लफ़्ज़ों की महफ़िल” के संपादक अकबर शाद और संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि उदयपुर से हिंदी साहित्य को समर्पित मासिक एक नई साहित्यिक पत्रिका का शुभारंभ होने जा रहा है।

साहित्य केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि वह एक जीवंत माध्यम है जो विचारों, संवेदनाओं और भावनाओं के द्वारा समाज की आत्मा को अभिव्यक्त करता है। यह वह सतत प्रवाह है जो समय के साथ बहता हुआ, हर युग में नई चेतना और नई संवेदना लेकर आता है।

इस पत्रिका का उद्देश्य हिंदी साहित्य को एक सृजनात्मक मंच प्रदान करना है, जहाँ अनुभवी और नवोदित दोनों रचनाकार अपनी लेखनी के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें।

पत्रिका में कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक, लघुकथा, कहानी, निबंध, विचार लेख, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत तथा समसामयिक साहित्य से जुड़े विशेष आलेखों को स्थान दिया जाएगा। साथ ही हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास, नए रुझानों और रचनाकारों के साक्षात्कार भी शामिल होंगे।

हमारा विश्वास है कि हर शब्द की अपनी आत्मा होती है और हर रचना की अपनी कहानी।

“लफ़्ज़ों की महफ़िल” एक ऐसा साझा मंच बनने जा रही है, जहाँ विचारों का आदान-प्रदान होगा, संवेदनाएँ शब्दों में ढलेंगी और साहित्य को नई दिशा मिलेगी।