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डॉ. मीनल शर्मा को मिली पीएचडी की उपाधि

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी ने डॉ.
  • मीनल शर्मा को पीएचडी की उपाधि दी।
  • मीनल ने अपना शोध “शारीरिक प्रशिक्षण का उदयपुर ज़िले के विद्यालय स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ियों पर प्रभाव” विषय पर डॉ.
  • भीमराज पटेल, सहायक निदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं सचिव, विश्वविद्यालय क्रीड़ा मंडल, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में किया।
  • मीनल शर्मा ने उदयपुर के विद्यालय स्तर के 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं पर यह शोध किया जिसमे ंछात्र-छात्राओं को दो माह बैडमिंटन की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
  • प्रशिक्षण के दौरान बच्चों में, विशेषतः बालिकाओं में, उल्लेखनीय प्रगति दिखाई दी।
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डॉ. मीनल शर्मा को मिली पीएचडी की उपाधि

उदयपुर, मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी ने डॉ. मीनल शर्मा को पीएचडी की उपाधि दी।

डॉ. मीनल ने अपना शोध “शारीरिक प्रशिक्षण का उदयपुर ज़िले के विद्यालय स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ियों पर प्रभाव” विषय पर डॉ. भीमराज पटेल, सहायक निदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं सचिव, विश्वविद्यालय क्रीड़ा मंडल, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में किया।

मीनल शर्मा ने उदयपुर के विद्यालय स्तर के 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं पर यह शोध किया जिसमे ंछात्र-छात्राओं को दो माह बैडमिंटन की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों में, विशेषतः बालिकाओं में, उल्लेखनीय प्रगति दिखाई दी।

प्रारंभिक स्तर पर सुदृढ़ शारीरिक प्रशिक्षण बच्चों के लिए अति आवश्यक है, विशेष रूप से बालिकाओं को जिन्हें यह अवसर नहीं मिल पाता है शोध में यह सुझाव सम्मिलित किया गया कि विद्यालय में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों को चाहिए कि वह समुचित साधनों को अपने विद्यालय में सुनिश्चित कर बैडमिंटन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दें ।

नियमित प्रशिक्षण खिलाड़ियों के आत्मविश्वास तथा उन के खेल प्रदर्शन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है ।

साथ ही बालक बालिकाओं में आए बदलावों को जॉंचा गया एवं यह निष्कर्ष निकाला कि बैडमिंटन का प्रशिक्षण विशेष तकनीक के साथ खेल विशेषज्ञ द्वारा दिया जाए तो खिलाड़ियों के खेल स्तर में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है और उचित निर्देशन, प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण के साथ खिलाड़ी पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उभर सकते हैं ।