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Udaipur News

लोकमंथन यात्रा का उदयपुर में भव्य स्वागत

राजस्थानी शौर्य, संस्कृति और परंपराओं से सजी सांस्कृतिक संध्या

मुख्य बिंदु
  • लोकमंथन यात्रा के उदयपुर आगमन पर शहर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत एवं विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
  • भुवाणा सर्किल पर लघु उद्योग भारती, प्रज्ञा प्रवाह तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल एवं कॉलेज) की ओर से यात्रा का स्वागत किया गया।
  • इसके पश्चात मीरा कन्या महाविद्यालय में स्वागत समारोह के साथ गवरी पात्र परिचय एवं प्रदर्शनी का आयोजन हुआ।
  • यात्रा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय पहुंची, जहां विज्ञान भारती एवं इतिहास संकलन समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्वागत और संगोष्ठी आयोजित की गई।
  • विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में वरिष्ठ समाज सेवी जसवंत सिंह खत्री ने ‘हम भारत के लोग’ विषय पर बौद्धिक उद्बोधन दिया।
  • इसके पश्चात शाम 6 से 9 बजे तक प्रज्ञा प्रवाह की ओर से प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई।
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लोकमंथन यात्रा का उदयपुर में भव्य स्वागत

उदयपुर। लोकमंथन यात्रा के उदयपुर आगमन पर शहर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत एवं विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भुवाणा सर्किल पर लघु उद्योग भारती, प्रज्ञा प्रवाह तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल एवं कॉलेज) की ओर से यात्रा का स्वागत किया गया। इसके पश्चात मीरा कन्या महाविद्यालय में स्वागत समारोह के साथ गवरी पात्र परिचय एवं प्रदर्शनी का आयोजन हुआ।

यात्रा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय पहुंची, जहां विज्ञान भारती एवं इतिहास संकलन समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्वागत और संगोष्ठी आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में वरिष्ठ समाज सेवी जसवंत सिंह खत्री ने ‘हम भारत के लोग’ विषय पर बौद्धिक उद्बोधन दिया।

इसके पश्चात शाम 6 से 9 बजे तक प्रज्ञा प्रवाह की ओर से प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। शहर की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाली विभिन्न प्रतिभाओं ने राजस्थानी शौर्य, लोकसंस्कृति और परंपराओं से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खचाखच भरे सभागार में प्रत्येक प्रस्तुति को दर्शकों की भरपूर सराहना और तालियां मिलीं।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नाटक ‘अखंड समर्पणकृपन्ना’ रहा, जिसमें पन्ना धाय के अद्वितीय त्याग, बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया प्रतापगौरव केंद्र से विद्याभवन व मीरा कन्या महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मेवाड़ विजय शौर्य पर आधारित प्रभावी नाटक प्रस्तुत किया वहीं, चंचल प्रजापत की मनमोहक भवाई नृत्य प्रस्तुति ने राजस्थानी लोककला की जीवंत छटा बिखेरी।लोकमंथन यात्रा के राजस्थान संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने बौद्धिक प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलगुरु कैलाश डागा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रताप सिंह तथा अधिष्ठाता विनोद यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन साहित्यकार एवं शिक्षिका दीपा पंत ‘शीतल’ तथा डॉ. देवीलाल गर्ग ने किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संयोजन प्रज्ञा प्रवाह के विभाग संयोजक डॉ. देवीलाल गर्ग ने डॉ. अक्षय राज के साथ किया।

इस अवसर पर प्रज्ञा प्रवाह की ओर से मेवाड़ की दस विशिष्ट प्रतिभाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मानित प्रतिभाओं में वरिष्ठ रंगकर्मी एवं अभिनेता शैलेन्द्र शर्मा, शास्त्रीय नृत्यांगना शैली श्रीवास्तव, चिकित्सक एवं गवरी लोककला के समर्पित साधक डॉ. गणेश लाल गमेती, पर्वतारोही एवं निशानेबाज मनस्वी अग्रवाल, कायकिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले तनिष्क पटवा, युवा वैज्ञानिक हर्ष सुथार, क्रिकेटर एवं मेवाड़ गौरव सम्मान से सम्मानित भावेश देसाई, आर्टिस्ट नीलोफर मुनीर, कैलीग्राफर एवं ग्राफिक डिजाइनर मुकेश शर्मा तथा पशु सेविका, लेखिका एवं मंच संचालक दीपा पंत शामिल रहे।

सभी प्रतिभाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस प्रतिभा सम्मान समारोह के आयोजन में अनुष्का अकादमी के डॉ. राजेश सुराणा का विशेष सहयोग रहा।

इस अवसर पर विभाग संघ चालक हेमेंद्र श्रीमाली, वरिष्ठ समाज सेवी जसवंत सिंह खत्री, मीनू खत्री, प्रांत ग्राम विकास गतिविधि संयोजक श्याम बिहारी, डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा तथा सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के उपनिदेशक गौरीकांत शर्मा सहित उदयपुर जिले के साहित्य, कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े लगभग एक हजार लोग उपस्थित रहे।