नई दिल्ली । नई दिल्ली के पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित तीसरे मीडोज पुरस्कार समारोह में सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए परफेक्ट ग्रुप एवं अध्यक्ष, राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के चेयरमैन सीए डॉ. रामावतार किला को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय मंत्री रामदास बंडू आठवले ने मीडोज लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।डॉ. रामावतार किला को यह पुरस्कार सामाजिक सेवा में उनके लंबे समर्पण और योगदान के लिए प्रदान किया गया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद एवं लेखक डॉ. संजय पासवान ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता; सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता; डॉ. अनु शक्ति सिंह, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता; प्रदीप राय, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं अमर उजाला के परामर्श संपादक; विनोद अग्निहोत्री, सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली के प्रमुख, शल्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. सौमित्र रावत,,; तथा प्रख्यात राजनयिक एवं पूर्व राजदूत मुक्तेश कुमार परदेशी, उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि रामदास बंडू आठवले ने अपने संबोधन में समाज के लिए किए जाने वाले कार्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “विश्वास तब बनता है, जब काम दूसरों के लिए किया जाता है।” उन्होंने यह भी कहा, “जमाना बदल रहा है, लेकिन बदलने वाला चाहिए।”
मीडोज फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से डॉ. किला को दिए गए सम्मान के पीछे सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रमुख रही। परफेक्ट ग्रुप के नेतृत्व के साथ-साथ राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में भी उनका सामाजिक जुड़ाव निरंतर बना हुआ है। यह सम्मान उनके लंबे सामाजिक योगदान को मिली एक महत्वपूर्ण पहचान के रूप में सामने आया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मीडोज फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा पिछले वर्षों में किए गए कार्यों की प्रस्तुति और विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण हुआ।
इस मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने शाम को एक अलग रंग दिया। बॉलीवुड के पुराने दौर के लोकप्रिय रेट्रो गीतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन मीडोज फाउंडेशन ट्रस्ट की संस्थापक फातिमा किरमानी एवं एस.ए.एस. किरमानी ने किया।
