उदयपुर। शायराना उदयपुर परिवार की ओर से रविवार को शोभागपुरा स्थित ऐश्वर्या कॉलेज ऑडिटोरियम में मासिक साहित्य एवं संगीत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उदयपुर सहित आसपास के जिलों से आए कलाकारों ने गीत, गजल, शायरी, कविता, छंद, दोहे और लोकगीतों की प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान कई श्रोताओं ने मंच पर पहुंचकर कलाकारों का पगड़ी, माला और उपरना पहनाकर सम्मान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजसमंद के सीनियर अकाउंट ऑफिसर चंद्र प्रकाश बडारिया थे। अध्यक्षता ऐश्वर्या कॉलेज की प्रबंध निदेशक डॉ. सीमा सिंह ने की, जबकि गीतांकर मेवाड़ी विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम प्रभारी दिव्यानी शर्मा ने बताया कि समारोह में उदयपुर के अलावा डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और अन्य क्षेत्रों के कलाकारों ने भाग लिया। चेतना लोहार ने ‘तेनु एक पल चैन न आवे सजना तेरे बिना’ गीत प्रस्तुत किया। डूंगरपुर के कृषि विभाग के अधिकारी एवं शायर निलेश यादव ने अपनी शायरी प्रस्तुत की। कॉलेज शिक्षा विभाग के अधिकारी पंकज वीरवाल ने ‘ओ मांझी रे, अपना किनारा’ गीत सुनाया।
मुख्य अतिथि चंद्र प्रकाश बडारिया ने ‘एक प्यार का नगमा है’ प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. सीमा सिंह ने ‘भीगी-भीगी रातों में’ गीत सुनाया। दोनों प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक कलाकारों का सम्मान किया।
अधिवक्ता अदिति वर्मा ने ‘तू कितनी अच्छी है, कितनी भोली है, प्यारी-प्यारी है मां’ प्रस्तुत कर मातृत्व की भावना को स्वर दिया। प्रस्तुति के लिए उनका विशेष सम्मान किया गया। दिव्यानी शर्मा ने ‘बाहों में चले आओ’, वरिष्ठ कवि डॉ. राजकुमार राज ने ‘प्यार बस दीवाना होता है, मस्ताना होता है’ और लक्ष्मी आसवानी ने ‘ओ बाबुल प्यारे’ प्रस्तुत किया।
अशोक परनामी ने ‘चांदी की दीवार न तोड़ी’ तथा नारायण लाल लोहार ने ‘नजर न लग जाए किसी की राह में’ प्रस्तुत किया। राजसमंद के कमलेश कुमावत ने ‘तेरे बिना जिंदगी से शिकवा तो नहीं’ गीत सुनाया। चित्तौड़गढ़ के अजीत सिंह ने भी गीत की प्रस्तुति दी।
किशनगढ़ की देवयानी शर्मा ने समारोह का संचालन किया। उन्होंने संचालन के दौरान छंद, दोहे, गीत, गजल और कविता की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को साहित्यिक रंग दिया। होटल व्यवसाय से जुड़ी निशा राठौड़ ने ‘ओ मेरे दिल के चैन’, आकाशवाणी के आरजे शमील शेख ने शायरी तथा गीता सिंह राठौड़ ने ‘तुमसे नाराज नहीं जिंदगी’ प्रस्तुत किया। मनोहर लाल मुखिया ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
मीडिया सलाहकार आभा सिरसीकर ने बताया कि शायराना उदयपुर परिवार पिछले 16 वर्षों से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह 11.30 बजे निःशुल्क साहित्य एवं संगीत समारोह आयोजित कर रहा है। समारोह में स्थापित कलाकारों के साथ नवोदित प्रतिभाओं को भी मंच उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में साहित्य एवं संगीत कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें इच्छुक प्रतिभागी पंजीकरण कर सकेंगे। इसके अलावा शायराना उदयपुर परिवार की ओर से राष्ट्रभक्ति पर आधारित म्यूजिक एलबम तैयार करने की योजना है। इसमें परिवार से जुड़े कलाकारों और सदस्यों को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर दिया जाएगा।
