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उदयपुर के एनआरआई राजेश चपलोत को फॉर्ब्स मैगजीन ने किया फीचर

चपलोत के सेव टाइम अभियान को देश-दुनिया में प्रख्यात मैगजीन फॉर्ब्स में मिला स्थान

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उदयपुर के एनआरआई राजेश चपलोत को फॉर्ब्स मैगजीन ने किया फीचर

उदयपुर। उदयपुर निवासी (एनआरआई) राजेश चपलोत को उनके सेव टाइम अभियान के लिए देश-दुनिया में प्रख्यात मैगजीन फॉर्ब्स ने फीचर किया है। राजेश चपलोत ने फॉर्ब्स में आए अपने इस आर्टिकल में समय के महत्व को समझाते हुए सेव टाइम अभियान की शुरूआत भी की है। फॉर्ब्स इंडिया में चपलोत के सेव टाइम अभियान और उनकी उपलब्धियों को स्थान मिलना उदयपुर और राजस्थान के लिए गौरव की बात है।

उदयपुर में जन्मे, पले और बड़े हुए राजेश चपलोत ने कॅरियर की शुरूआत तो उदयपुर से ही की थी, लेकिन आज वे युगांडा देश के बिजनेस टायकून हैं और बीते छह वर्षों से युगांडा राष्ट्रपति के सलाहकार भी।

चपलोत 2019 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।

2020 में युगांडा के राष्ट्रपति ने उन्हें स्वर्ण जयंति पुरस्कार और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया था, वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान द्वारा 2018 में उन्हें इंटरनेशनल लीडर पुरस्कार से नवाजा गया था।

चपलोत ने युगांडा, कांगो और तंजानिया में विभिन्न कॉरपोरेट संस्थानों के साथ सीईओ, डायरेक्टर और बोर्ड मेंबर के रूप में काम किया है। वे एलाइड ग्राफिक सिस्टम, काम्यो टेकएज सर्विसेज कंपनियों में डायरेक्टर, मंगलम अफ्रीका लिमिटेड के एमडी हैं।

समय बचाने की सोच को बनाया अभियान चपलोत कहते हैं हम अक्सर पर्यावरण बचाने की बात करते हैं, पानी बचाने के लिए अभियान चलाते हैं, लेकिन जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति समय को बचाने और उसकी अहमियत समझने की चर्चा अपेक्षाकृत कम करते है, जबकि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं लाया जा सकता।

इसी सोच को दुनिया तक पहुंचाने उन्होंने सेव टाइम अभियान शुरू किया है और उनके इस अभियान के लिए ही फॉर्ब्स इंडिया ने उन्हें अगस्त में प्रकाशित हुए अंक के पेज नंबर 81 पर स्थान दिया है। वे टाइम के महत्व को लेकर एक बुक भी लिख रहे हैं। इस बुक से न सिर्फ उनके सेव टाइम अभियान को गति मिलेगी, बल्कि यह बुक युवाओं के लिए भी बहुत कारगर साबित होगी।

राजेश चपलोत 1989 बैच के चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उदयपुर, राजस्थान निवासी चपलोत उदयपुर से शिक्षा ग्रहण करने के बाद वर्ष 1996 से 2023 तक युगांडा में रहे और वहां व्यवसाय, सामाजिक सेवा, संस्थागत नेतृत्व तथा भारत-युगांडा संबंधों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वर्तमान में भी वे अफ्रीका और भारत से जुड़े विभिन्न कारोबारी संस्थानों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में सक्रिय हैं।

चपलोत का कहना है कि उनका व्यवसाय युगांडा सहित अन्य देशों में संचालित है, उनकी बेटी लंदन में है।

केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दिया प्रशंसा पत्र हाल ही राजेश चपलोत की लिखी बुक नंदू और दादू और उनकी उपलब्धियों को लेकर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी चपलोत को प्रशंसापत्र दिया है। इस बुक में चपलोत ने वर्तमान परिवेश में बच्चों में नैतिकता को लेकर अहम पहलुओं पर बात की है। इसके अलावा वे नमस्ते अफ्रीका और टाइम बुक लिख रहे हैं।