उदयपुर। गरबा की मस्ती, डांडिया की खनक और समाजसेवा के संकल्प के साथ मेवाड़ राउंड टेबल 349 की ओर से सॉलिटेयर गार्डन में भव्य गरबा महोत्सव ‘नियॉनरात्रि 5.0’ का आयोजन किया गया।
आयोजन में 1200 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मां दुर्गा की आराधना की और पारंपरिक गरबा-डांडिया के रंग में रंगे नजर आए।
महोत्सव की खास बात यह रही कि उत्सव की खुशियों को शिक्षा सेवा से जोड़ते हुए सरकारी विद्यालय में कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए सहयोग जुटाया गया।कार्यक्रम में उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंहवी, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, पूर्व डीआईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेश सोनी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।मेवाड़ राउंड टेबल 349 के चेयरमैन रवि मुंदड़ा एवं सचिव नमन पाटीदार ने बताया कि ‘नियॉनरात्रि’ केवल सांस्कृतिक मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम से जुटाई गई राशि का उपयोग भूताला स्थित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
करीब 55 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत छह कक्षा-कक्षों के निर्माण में सहयोग जुटाने का लक्ष्य है।
इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।फंडरेजिंग कन्वीनर्स सुमित गट्टानी, साहिल नवलखा एवं कुणाल खमेसरा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को सांस्कृतिक उत्सव से जोड़ने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है।
संस्था का प्रयास है कि जनसहयोग से विद्यालय में आवश्यक कक्षा-कक्षों का निर्माण कर विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान दिया जा सके।महोत्सव को सफल बनाने में प्रायोजकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रमुख सहयोगियों में मुंद्रा रियल्टी, श्रीनाथ टेंट, हाइक , स्टोनेक्स, नेक्सिथॉन, जेके मार्बल, हाउस ऑफ़ कारीगरी, बीआरबी ज्वेल्स, डिस्कवरी टूर्स, शिवम ऑप्टिकल्स, ब्रांड्सकी, राज कैटरर एवं इवेंटिको सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।मेवाड़ राउंड टेबल 349 के सदस्यों ने सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
आयोजन ने यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक उत्सवों को सामाजिक सेवा से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत पहल की जा सकती है। ‘नियॉनरात्रि 5.0’ में गरबा की उमंग के साथ बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक सहयोग की भावना भी देखने को मिली।
