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MLSUऔर स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू)

विधार्थियो के बेहतर मानसिक स्वास्थ के जागरूकता के लिए आईक्यूएसी की अनूठी पहल: प्रो. डागा

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MLSUऔर स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू)

उदयपुर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी ने एक अनूठी पहल करते हुए विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक महिमा पालीवाल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कुलगुरु प्रो कैलाश डागा ने इस अवसर पर कहा की आज सोशल मीडिया एवं आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के वृहद स्तर पर प्रयोग करने से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ पर विपरीत असर पड़ रहा है ऐसी स्थिति मे यह एमओयू मिल का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षित एवं योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के नेटवर्क तक पहुँच प्राप्त हो सकेगी।

यह पहल पेशेवर परामर्श सेवाओं को तकनीक-आधारित संसाधनों के साथ जोड़कर विद्यार्थियों को भावनात्मक चुनौतियों से निपटने, मानसिक दृढ़ता विकसित करने तथा उनके समग्र कल्याण को बेहतर बनाने में सहायता करेगी।आईक्यूएसी के इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी।

आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो शूरवीर सिंह भाणावत ने बताया की इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को पेशेवर परामर्श सेवाओं, डिजिटल वेलबीइंग संसाधनों तथा सुव्यवस्थित मानसिक स्वास्थ्य पहलों तक पहुँच उपलब्ध कराकर विश्वविद्यालय परिसर में सहयोगपूर्ण एवं समावेशी वातावरण विकसित करना है।

इस एमओयू पर विश्वविद्यालय का यह मंच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक व्यवस्थित एवं सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने में भी सहायता करेगा।

यह पहल विश्वविद्यालय आईक्यूएसी द्वारा विद्यार्थी हित में किये जा रहे प्रयासों का अंग है।

कुलसचिव डॉ. वी. सी. गर्ग ने कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय की इस सोच को दर्शाता है कि विद्यार्थियों की सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भावनात्मक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता, स्वस्थ पारस्परिक संबंध तथा अपनत्व की भावना भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं।

मनोविज्ञान विभाग के हेड इंचार्ज डॉ. तरुण शर्मा ने इस पहल के संदर्भ में कहा कि परिसर में ऐसा वातावरण विकसित करना है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर संवेदनशीलता के साथ चर्चा हो तथा प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने, आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास करने के अवसर मिलें।

इस अवसर पर डॉ मुकेश बारबर परीक्षा नियंत्रक, डॉ घनश्याम पुरोहित विभागाध्यक्ष फिजिक्स, श्री महेश सोनी तथा सुश्री महिमा पालीवाल,, स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग उपस्थित रहे स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक सुश्री महिमा पालीवाल ने युवाओं के समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करने की संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में शैक्षणिक दबाव, आजीविका या पेशे संबंधी अनिश्चितता, पारस्परिक संबंधों की चुनौतियाँ तथा भावनात्मक समायोजन जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।

ऐसे में सुलभ एवं पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो जाती है।

एमओयू के तहत, स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों को अपने आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क एवं गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य आकलन की सुविधा प्रदान करेगी।

इसके आधार पर संस्थागत गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों के मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा सकें।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक कल्याण से संबंधित सेमिनार, कार्यशालाएँ और अन्य गतिविधियाँ दोनों पक्षों की आपसी सहमति से आयोजित की जाएँगी।उन्होंने कहा, “उच्च शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य सहायता केवल जागरूकता अभियानों और कभी-कभार किए जाने वाले प्रयासों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

विद्यार्थियों को यह भरोसा होना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पेशेवर सहायता आसानी से उपलब्ध होगी।

स्नोफ्लेक्स काउंसलिंग और एम्ब्रिन के माध्यम से हमारा उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में ऐसा वातावरण विकसित करना है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना सामान्य, सुलभ और किसी भी प्रकार के भय या संशय से मुक्त हो।

परामर्श एवं सहायता सेवाएँ पेशेवर नैतिक मानकों, गोपनीयता संबंधी आवश्यकताओं तथा सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित की जाएँगी।

इस दिशा में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के साथ कार्य करने का अवसर मिलने पर उन्होंने विश्विद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया ।”