मुख्य सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
National News

बड़ी सादड़ी में दुर्गा वाहिनी का कन्या पूजन समारोह, संस्कारों और संयुक्त परिवार की महत्ता पर दिया जोर

बड़ी सादड़ी। नवरात्रि पर्व के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय दुर्गा वाहिनी शाखा की ओर से मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का कन्या पूजन समारोह आयोजित किया गया।

WAf𝕏TGin✉🖨
बड़ी सादड़ी में दुर्गा वाहिनी का कन्या पूजन समारोह, संस्कारों और संयुक्त परिवार की महत्ता पर दिया जोर


बड़ी सादड़ी। नवरात्रि पर्व के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय दुर्गा वाहिनी शाखा की ओर से मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का कन्या पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ता लता पंड्या ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए बच्चों को सनातन संस्कार देने, बेटियों और बेटों को समान रूप से शिक्षित एवं संस्कारित बनाने तथा संयुक्त परिवार व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

लता पंड्या ने कहा कि माता-पिता बच्चों को सनातन संस्कार देंगे, तभी भारतीय संस्कृति और परंपराएं जीवित रह सकेंगी। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन की सार्थकता तभी है, जब समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित हों।

बच्चों में संस्कार और देशभक्ति जरूरी

पंड्या ने भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं रानी लक्ष्मीबाई और रानी पद्मिनी का उल्लेख करते हुए उनके साहस, त्याग और स्वाभिमान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक रहने की बात कही।

उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे बेटियों के साथ बेटों को भी अच्छे संस्कार दें। बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने, नियमित रूप से भगवान के दर्शन करने और बड़ों का सम्मान करने की आदत विकसित करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बच्चों की दिनचर्या, पहनावे और देर रात तक घर से बाहर रहने जैसी आदतों पर अभिभावकों से ध्यान देने की अपील की।

संयुक्त परिवार को बताया संस्कारों का मजबूत आधार

पंड्या ने संयुक्त परिवार व्यवस्था को बच्चों के संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार में परिवार के कई सदस्य बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं और उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखते हैं। इसके विपरीत, आज माता-पिता दोनों के नौकरीपेशा होने के कारण बच्चों को पर्याप्त समय और मार्गदर्शन नहीं मिल पाने की स्थिति बन सकती है।

उन्होंने कहा कि छोटे परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति से पारंपरिक पारिवारिक रिश्तों और आपसी जुड़ाव पर भी असर पड़ा है। बच्चों में पारिवारिक मूल्यों, आपसी सहयोग और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए संयुक्त परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण है।

नौ बालिकाओं का नवदुर्गा के स्वरूपों में पूजन

समारोह के दौरान राजपूत समाज की युवा महिलाओं ने नौ बालिकाओं को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—के रूप में सजाया। इसके बाद बालिकाओं के चरण धोकर विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन भी कराया गया।

विश्व हिंदू परिषद की बड़ी सादड़ी खंड महिला प्रमुख अमिता मेहता ने कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर गरिमा नागोरी, बोहेड़ा महिला प्रमुख टीना पोरवाल, कामिनी माहेश्वरी, रोहित वैष्णव, पदमा सेन, तनुजा आमेटा, इंदिरा भाटी, पार्षद हेमलता डांगी, दीपिका चौधरी, विनीता मूणत, ज्योति पालीवाल और बजरंग दल प्रखंड अध्यक्ष टीनू धींग सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

समारोह में कन्या पूजन के माध्यम से नारी सम्मान, बच्चों में संस्कारों के विकास, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।