उदयपुर। संस्कृत भारती की ओर से उदयपुर में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सात दिनों तक विभिन्न विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों तथा 12 सितंबर को प्रस्तावित संस्कृत सम्मेलन से संबंधित पत्रक का विमोचन जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृत भारती के पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
पत्रक विमोचन के अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व राजस्थान कैबिनेट चिकित्सा मंत्री श्री राजेंद्र राठौड़, राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष श्री चंद्रगुप्त सिंह चौहान सहित संस्कृत भारती से डॉ. यज्ञ आमेटा, दुष्यंत नागदा, श्रीयांश कंसारा, सत्यप्रिय, चैन शंकर दशोरा, मंगल जैन आदि उपस्थित रहे।
संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य संस्कृत को केवल एक भाषा के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति एवं जीवन-दृष्टि से जोड़ते हुए समाज के सामान्य जनजीवन, विद्यार्थियों और युवाओं तक पहुंचाना है। सप्ताहभर चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत के प्रति रुचि, सहभागिता एवं गौरवबोध का वातावरण निर्मित किया जाएगा।
सात दिनों में होंगे विविध कार्यक्रम
28 अगस्त – संस्कृति रक्षण एवं रक्षा-सूत्र कार्यक्रम
जगदीश मंदिर परिसर में संस्कृति रक्षण एवं रक्षा-सूत्र कार्यक्रम के साथ संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ होगा।
29 अगस्त – पौधारोपण कार्यक्रम
डीपीएस स्कूल में पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व का संदेश दिया जाएगा।
30 अगस्त – पत्राचार द्वारा संस्कृत अभियान
समाज के विभिन्न वर्गों तक संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के लिए पत्राचार अभियान चलाया जाएगा।
31 अगस्त – श्लोक प्रतियोगिता
महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए श्लोक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
1 सितंबर – संस्कृत समूह गीत प्रतियोगिता
आलोक विद्यालय, हिरण मगरी में संस्कृत समूह गीत प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत की रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ा जाएगा।
2 सितंबर – श्लोक आधारित चित्रकला प्रतियोगिता
रॉकवुड्स हाई स्कूल में संस्कृत श्लोकों एवं भारतीय संस्कृति की भावभूमि पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी।
3 सितंबर – संस्कृति चेतना यात्रा एवं शोभायात्रा
संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर निंबार्क महाविद्यालय से संस्कृति चेतना यात्रा एवं भव्य शोभायात्रा प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से निकाली जाएगी। यात्रा के माध्यम से संस्कृत, संस्कृति एवं भारतीय जीवन-मूल्यों के प्रति जनजागरण का संदेश दिया जाएगा।
12 सितंबर को होगा संस्कृत सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान
संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 12 सितंबर को संस्कृत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में पुरस्कार वितरण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह भी होगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ संस्कृत एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
संस्कृत भारती की ओर से संस्कृत सप्ताह एवं संस्कृत सम्मेलन के सभी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, संस्कृतप्रेमियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया गया है।
संस्कृति रक्षण से संस्कृति चेतना तक—सात दिवसीय संस्कृत सप्ताह उदयपुर में संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रति जनजागरण का व्यापक अभियान बनेगा तथा 12 सितंबर का संस्कृत सम्मेलन इस अभियान को सम्मान एवं उत्सव के रूप में आगे बढ़ाएगा।
