संग्रह की सीमा नहीं, त्याग में ही आत्मा का सच्चा आनंदःसाध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि मनुष्य अनादिकाल से आसक्ति और कर्मों के बंधन म…
“श्रीजी” के परिणाम
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि मनुष्य अनादिकाल से आसक्ति और कर्मों के बंधन म…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन में विनय का होना बेहद जरूरी है। विनय के …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने मंगलवार को कहा कि धर्म साधना तभी सार्थक होती है, जब …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि केवल्य ज्ञान की प्राप्ति के बाद परमात्मा ने च…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन घटनाओं से रहित नहीं हो सकता, लेकिन उन घट…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि संयम और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए शरी…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन के सार तत्व को जिसने समझ लिया, उससे बड़ा …
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि परमात्मा त्रिपदी यानी तीन पदों के माध्यम से श…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने ज्ञान, सुख, स्वतंत्रता और धार्मिक क्रियाओं के महत्व …
मेवाड़... जहां इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि परंपराओं और रिश्तों में आज भी जिंदा है। जहां राजपरिवार और अपने आत्मीय एवं सहयोगी परिवारों के बीच सुख-दुःख म…
उदयपुर। दादावाड़ी में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला के दौरान साध्वी डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी ने खरतरगच्छ दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा क…
उदयपुर | मेवाड़ की परंपरा में राजपरिवार और प्रमुख सहयोगी परिवारों के बीच आत्मीय संबंधों तथा सुख-दुःख में सहभागी होने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसी परंपर…