“राष्ट्रीय सार्वजनिक पुस्तकालय दिवस : ज्ञान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना के निर्माण में सार्वजनिक पुस्तकालयों की भूमिका”
“राष्ट्रीय सार्वजनिक पुस्तकालय दिवस” पर ज्ञान, संस्कृति और जनसेवा का अभिनंदन
“सशक्त” के परिणाम
“राष्ट्रीय सार्वजनिक पुस्तकालय दिवस” पर ज्ञान, संस्कृति और जनसेवा का अभिनंदन
- भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला - प्रो. सारंगदेवोत - भारतीय ज्ञान परंपरा और एआई का …
- सत्य भूषण शर्मा प्रवक्ता, पत्रकार, लेखक, कवि एवं यूट्यूबर उदयपुर, राजस्थान
पाठक और समाज का विश्वास ही पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी : डॉ. कोठारी