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“चमत्कार” के परिणाम
तीन शताब्दी से चली आ रही परम्परा का हुआ निर्वाह
श्रृद्धालुओं ने किए निष्कलंक भगवान, समाधि और अखण्ड ज्योत के दर्शन , फूलों से सजायी मावजी निर्वाण समाधि, महा आरती हुई, फलों का भोग लगाया, फलों का ही महाप्रसाद प…
गरीब से मोलभाव मत करो, ईश्वर कृपा पाओगे– जगद्गुरु श्री वसंत विजयानन्द गिरी जी महाराज
–प्रसिद्ध ड्रमर शिवमणि के डंके से गूंजी धर्मलहरियां – एकलिंगजी शिव महापुराण कथा का समापन – जगद्गुरू देव से बिछुड़ते श्रद्धालुओं के छलके आंसू










