आत्महत्या से कई जिंदगियां प्रभावित होती हैं
कोटा । राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, कोटा में गुरुवार को विश्व रोकथाम दिवस दिवस के उपलक्ष्य में आंतरिक शिकायत समिति, विशाखा समिति एवं एण्टी रेगिंग समिति के…
“वरन” के परिणाम
कोटा । राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, कोटा में गुरुवार को विश्व रोकथाम दिवस दिवस के उपलक्ष्य में आंतरिक शिकायत समिति, विशाखा समिति एवं एण्टी रेगिंग समिति के…
प्रत्येक माह के पहले रविवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर का दर्पण प्रेक्षागृह, नाट्य रसिकों का स्वागत करता है | ‘रंगशाला’ के अंतर्गत यहाँ किसी …
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में ‘मीता! पंचलैट वाले’…
उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में ‘मीता! पंचल…
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन... अर्थात, मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर कभी नहीं। इसलिए फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करें। निष्काम…
आईटीआई,पॉलीटेक्निक,इंजीनियरिंग कॉलेज, उद्योगों की प्रयोगशालाएं हों साझाहर कॉलेज में महंगी लैब की जरूरत नहीं , वरन हर विद्यार्थी की स्किल लैब तक पहुंच जरूरीडिग्…
आईटीआई,पॉलीटेक्निक,इंजीनियरिंग कॉलेज, उद्योगों की प्रयोगशालाएं हों साझाहर कॉलेज में महंगी लैब की जरूरत नहीं , वरन हर विद्यार्थी की स्किल लैब तक पहुंच जरूरीडिग्…
सत्य भूषण शर्माप्रवक्ता, पत्रकार, लेखक, कवि एवं यूट्यूबर, उदयपुर (राजस्थान)देश की अर्थव्यवस्था में कुछ आंकड़े ऐसे होते हैं, जिन्हें समझने के लिए अर्थशास्त्र पढ…
माता पिता की अति महत्वाकांक्षाओं और जिद्दी प्रवृति फूल से कोमल बच्चों के लिए कितनी घातक हो जाती है कि वे तनाव और अवसाद नहीं झेल पाते और न केवल नशीली या नींद की…
समीक्षक: डॉ.प्रभात कुमार सिंघललेखक एवं पत्रकार कोटा"तो ऐसी है उन सबकी साठ-पार की ज़िन्दगियाँ खुशियों से भरीं जिसमें उन्हें अपनी इच्छानुसार कुछ भी करने की पूरी …
उदयपुर /राजस्थान विद्यापीठ के संस्थापक मनीषी पंडित जनार्दनराय नागर की 29वीं पुण्यतिथि पर रविवार को विद्यापीठ के सभी संघटक महाविद्यालयों में पुष्पांजलि अर्पित क…
*14 अगस्त हमारे लिए केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारतीय इतिहास का वह दिन है, जो कि इतिहास में सबसे पीड़ादायक और काले अध्याय के रूप …