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“उपासना” के परिणाम

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विश्व हरिनाम पखवाड़ा के तहत् नगर भ्रमण उत्सव “यान्ति देवव्रता देवान् पितॄन् यान्ति पितृव्रताः भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम्॥ :- इस्कॉन बांसवाड़ा

बांसवाड़ा। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो देवताओं की उपासना करते हैं वे देवताओं को प्राप्त होते हैं और जो पितरों के प्रति श्रद्धा रखते हैं…

26 Sep 2026, 11:19

हमें दैनिक अग्निहोत्र-यज्ञ करके अपने घर की वायु को सुगन्धित व रोगरहित करना चाहिये

वैदिक धर्म एवं संस्कृति में यज्ञ का प्रमुख स्थान है। यज्ञ किसी भी पवित्र व श्रेष्ठ कार्य करने को कहा जाता है। मनुष्य जो शुभ कर्म करता है वह सब भी यज्ञीय कार्य …

16 Sep 2026, 18:25

राजस्थान के विघ्नहर्ता गणेश : आस्था, राजनीति और लोकजीवन के मंगलदेव

गोपेन्द्र नाथ भट्ट राजस्थान को केवल दुर्गों, हवेलियों और लोकदेवताओं की धरती ही नहीं, बल्कि प्रथम आराध्य देव गणपति सहित विभिन्न देवी- देवताओं तथा विभिन्न धर्मो …

15 Sep 2026, 05:56

गाओसा कराओके रेस्टोरेंट में सजा ‘इंद्रधनुष के रंग’ का खूबसूरत संगिनी मिलन

उदयपुर। यूनिक संगिनी की ओर से 5 सितंबर को ‘इंद्रधनुष के रंग’ थीम पर रंगारंग एवं मनोरंजक कार्यक्रम का आयोजन गाओसा कराओके रेस्टोरेंट में किया गया। कार्यक्रम में …

10 Sep 2026, 18:34

ऋषि दयानन्द के सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ से देश-देशान्तर में वेदों के सत्यस्वरूप का प्रचार हुआ

ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…

02 Sep 2026, 18:56

“माउंटेन हम सभी के भीतर होता है, उसे जीत लिया तो दुनिया जीत लेंगे” — मनस्वी अग्रवाल

उदयपुर, “हर व्यक्ति के भीतर एक माउंटेन होता है। यदि हम उसे जीत लें तो दुनिया की कोई भी चुनौती जीत सकते हैं।” यह प्रेरक बात विश्व की पांच ऊंची पर्वत चोटियों पर …

25 Aug 2026, 15:34

रविवार से शुरू होगा वागड़ का परम्परागत एवं प्रसिद्ध मंछाव्रत चौथ व्रत

बांसवाड़ा/वागड़ अंचल में शिव भक्ति का दिग्दर्शन कराने वाला चार माह तक चलने वाला सदियों पुराना परम्परागत मंछाव्रत चौथ का व्रत श्रावण शुक्ल चतुर्थी 16 अगस्त, रविवा…

15 Aug 2026, 16:45

अरावली की गोद में आस्था के दीप : उदयपुर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत

“झीलों की नगरी” उदयपुर को जब भी याद किया जाता है, आँखों के सामने झीलों का शांत जल, अरावली की हरी-भरी पहाड़ियाँ, राजमहलों की भव्यता और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास…

09 Aug 2026, 07:23

ईश्वर अनादि काल से हमारा रक्षक, पालक व सुहृद मित्र है

मनुष्य प्रायः अपने माता, पिता, आचार्यों तथा सगे सम्बन्धियों को ही अपना मानते हैं। ईश्वर के विषय में मनुष्यों के भिन्न-भिन्न विचार होते हैं। अधिकांश को ईश्वर के…

07 Aug 2026, 18:31