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Sir Padampat Singhania University

एसपीएसयू का इंडिया स्किल्स 2025–26 प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

मुख्य बिंदु
  • कौशल, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU) उदयपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
  • टेक सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के छात्र, नीरज कुमार कुमावत ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रिकलेइंग स्किल्स में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त कर गौरव बढ़ाया।
  • उन्हें राजस्थान सरकार के माननीय उद्योग एवं वाणिज्य, युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा सम्मानित किया गया।
  • नीरज की यह उपलब्धि उनके समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम है, जिसे विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग संकाय के डॉ.
  • अविनाश ओझा के मार्गदर्शन ने और सशक्त बनाया।
  • यह उपलब्धि एसपीएसयू की शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही राजस्थान के युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं और क्षमताओं का प्रतीक है।
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एसपीएसयू का इंडिया स्किल्स 2025–26 प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

कौशल, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU) उदयपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।

एसपीएसयू के बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के छात्र, नीरज कुमार कुमावत ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रिकलेइंग स्किल्स में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त कर गौरव बढ़ाया।

उन्हें राजस्थान सरकार के माननीय उद्योग एवं वाणिज्य, युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा सम्मानित किया गया। नीरज की यह उपलब्धि उनके समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम है, जिसे विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग संकाय के डॉ. अविनाश ओझा के मार्गदर्शन ने और सशक्त बनाया।

यह उपलब्धि एसपीएसयू की शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही राजस्थान के युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं और क्षमताओं का प्रतीक है। यह विश्वविद्यालय के निरंतर प्रोत्साहन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और सहयोगात्मक, कौशल-उन्मुख वातावरण के माध्यम से प्रतिभाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को भी उजागर करती है, जिससे छात्र आत्मविश्वास विकसित करते हुए अपनी क्षमताओं को निखारते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एक कुशल और प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान देते हैं।