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Sir Padampat Singhania University

एसपीएसयू में राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की गुणवत्त्ता यात्रा का आयोजन

सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू) में 8 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की ‘गुणवत्ता यात्रा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में गुणव

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एसपीएसयू में राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की गुणवत्त्ता यात्रा का आयोजन
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सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू) में 8 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की ‘गुणवत्ता यात्रा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में गुणवत्ता, प्रयोगशाला प्रत्यायन तथा नाब्ल के मानकों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना और संस्थान में गुणवत्ता की सुदृढ़ संस्कृति को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में एसपीएसयू के  कुलपति डॉ. संजय सिन्हा, एफआरएसए, प्रो. प्रसून चक्रवर्ती, प्रो प्रेसिडेंट तथा प्रो. अमित कुमार गोयल, अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ सत्र नाब्ल–क्यूसीआई की संयुक्त निदेशक डॉ. भूमि राजयगुरु तथा एनबीक्यूपी–क्यूसीआई, अहमदाबाद क्षेत्रीय केंद्र के विश्लेषक श्री मृणाल कक्कड़ द्वारा संचालित किए गए। विशेषज्ञों ने नाब्ल प्रत्यायन, गुणवत्ता मानकों, नैक एवं अनुसंधान, प्रयोगशाला गुणवत्ता प्रणालियों तथा विभिन्न राष्ट्रीय गुणवत्ता पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने सुदृढ़ गुणवत्ता प्रक्रियाओं को अपनाने तथा निर्धारित प्रत्यायन मानकों के अनुपालन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, प्रयोगशाला प्रतिनिधियों, अधिष्ठाताओं, उत्कृष्टता केंद्रों के निदेशकों तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति ने विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, उत्कृष्टता एवं सतत सुधार की संस्कृति को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अविनाश ओझा ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले गणमान्य अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, विश्वविद्यालय नेतृत्व, आयोजन दल में शामिल प्रो. नवीन कुमार, प्रो. तुलिका चक्रवर्ती एवं डॉ. इमैनुएल डी. सुंकारी तथा सहयोगी स्टाफ के प्रति आभार प्रकट किया।