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भारतीय रेलवे का महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम

संगरूर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास

मुख्य बिंदु
  • भारतीय रेलवे अपने व्यापक स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है।
  • इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य देश भर के स्टेशनों को आधुनिक, एकीकृत परिवहन हब और शहर के प्रमुख केंद्रों (सिटी सेंटर) के रूप में बदलना है।
  • दिसंबर 2022 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शुरू किए गए।
  • इस प्रयास का मुख्य ध्यान यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, सुगमता में सुधार करने और इन महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचा स्थलों के आसपास आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर है।
  • मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि अंबाला मंडल के तहत संगरूर रेलवे स्टेशन उन स्टेशनों में से एक है जिन्हें पुनर्विकास के लिए अमृत भारत योजना के तहत चुना गया है।
  • लगभग 1,947 यात्रियों की औसत दैनिक आवाजाही (फुटफॉल) के साथ, संगरूर रेलवे स्टेशन एक उल्लेखनीय कायाकल्प के लिए तैयार है।
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भारतीय रेलवे का महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम

अम्बाला । भारतीय रेलवे अपने व्यापक स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है।

इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य देश भर के स्टेशनों को आधुनिक, एकीकृत परिवहन हब और शहर के प्रमुख केंद्रों (सिटी सेंटर) के रूप में बदलना है। दिसंबर 2022 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शुरू किए गए।

इस प्रयास का मुख्य ध्यान यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, सुगमता में सुधार करने और इन महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचा स्थलों के आसपास आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर है।

मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि अंबाला मंडल के तहत संगरूर रेलवे स्टेशन उन स्टेशनों में से एक है जिन्हें पुनर्विकास के लिए अमृत भारत योजना के तहत चुना गया है।

लगभग 1,947 यात्रियों की औसत दैनिक आवाजाही (फुटफॉल) के साथ, संगरूर रेलवे स्टेशन एक उल्लेखनीय कायाकल्प के लिए तैयार है।

अपनी सुविधाओं को अपग्रेड करने और इसे एक आधुनिक, यात्री-अनुकूल परिवहन हब में बदलने के लिए रूपये 22.16 करोड़ की अनुमानित लागत से इस स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है।

स्टेशन को पुनर्विकास के लिए मुख्य चिंताओं को दूर करने हेतु चुना गया था, जिनमें परिसंचारी (सर्कुलेटिंग) क्षेत्रों में भीड़भाड़, सीमित यात्री सुविधाएं, अपर्याप्त सुगमता विशेषताएं, अपर्याप्त रोशनी व सुरक्षा उपाय और पुराना ढांचा शामिल हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब के संगरूर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की मुख्य विशेषताएं भारतीय रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए एक ‘‘नए युग’’ की परिकल्पना करती हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक सुविधाएं, सौंदर्यपूर्ण डिजाइन और कुशल संचालन प्रदान करके यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाना है।

पुनर्विकास के प्रयास पर केंद्रित हैं। यात्री सुविधा और सुगमता बेहतर के तहत प्रवेश/निकास द्वार, प्रतीक्षालय, एग्जीक्यूटिव लाउंज, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं।

सतत और पर्यावरण के प्रति जागरूक विकास योजना में स्टेशन भवन को पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी के लिए डिजाइन किया गया है ताकि गर्मी को कम किया जा सके और कम ऊर्जा वाली एलईडी लाइटों को शामिल करके भवन की ऊर्जा दक्षता में सुधार किया जा सके।

जैव विविधता संरक्षण के अन्तर्गत मौजूदा पेड़ों को बनाए रखकर, स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए परिसर में देशी प्रजातियों के पौधे लगाकर और हरित क्षेत्र यग्रीन पैचद्ध बनाकर जैव विविधता को बनाए रखा जा रहा है।

इसी प्रकार दिव्यांगजन सुविधाओं के तहत साइनबोर्ड और घोषणा प्रणाली के माध्यम से सूचना प्रणाली तक पहुंच, प्रवेश रैंप के माध्यम से स्टेशन तक सुगमता, आरक्षित पार्किंग, कम ऊंचाई वाले टिकट काउंटर, दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय, निकास द्वार के पास हेल्प बूथ और प्लेटफॉर्म सुगमता के लिए स्पर्शनीय (टैक्टाइल) पथ, सुलभ शौचालय, कम ऊंचाई वाले वाटर बूथ व लिफ्ट की सुविधा।

संगरूर रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत का काम लगभग पूरा होने वाला है और केवल अंतिम चरण (फिनिशिंग) का मामूली काम चल रहा है। 4.8 मीटर चैड़ा फुट ओवर ब्रिज लगभग पूरा हो चुका है।

लिफ्ट की नींव और ऊपरी ढांचे (सुपरस्ट्रक्चर) का काम पूरा हो गया है। दिव्यांगजन सुविधाएं जैसे कि टैक्टाइल पाथ, शौचालय, कम ऊंचाई वाले टिकट काउंटर, कम ऊंचाई वाले वाटर बूथ और दिव्यांगजन रैंप सभी पहलुओं में पूरे कर लिए गए हैं।

सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग क्षेत्र का काम पूरा होने के करीब है। स्टेशन का पुनर्विकास जनवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।