मुख्य सामग्री पर जाएँ
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
Kota News

हौंसला, आस्था और सकारात्मक सोच से सफलता संभव – डॉ. संगीता गौड़

मुख्य बिंदु
  • 7 राज गर्ल्स बटालियन के 8 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण एनसीसी शिविर में आज एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
  • यह कार्यशाला शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से रामपुरा महाविद्यालय कुन्हाड़ी में आयोजित हुई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स को विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के प्रभावी तरीके सिखाए गए।
  • कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, मोटिवेशनल स्पीकर एवं माइंड मास्टर कोच डॉ.
  • संगीता गौड़ ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि,जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास बेहद आवश्यक हैं।
  • उन्होंने कहा कि,आज के युवा जल्दी सफलता पाने की चाह रखते हैं,लेकिन वास्तविक सफलता समय, मेहनत और सही मानसिक दृष्टिकोण से ही प्राप्त होती है।
  • गौड़ ने एक रोचक गतिविधि के माध्यम से कैडेट्स को समझाया कि असफलता से घबराने की बजाय उसके कारणों का विश्लेषण करना चाहिए।
WAf𝕏TGin✉🖨
हौंसला, आस्था और सकारात्मक सोच से सफलता संभव – डॉ. संगीता गौड़

7 राज गर्ल्स बटालियन के 8 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण एनसीसी शिविर में आज एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से रामपुरा महाविद्यालय कुन्हाड़ी में आयोजित हुई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स को विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के प्रभावी तरीके सिखाए गए।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, मोटिवेशनल स्पीकर एवं माइंड मास्टर कोच डॉ. संगीता गौड़ ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि,जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि,आज के युवा जल्दी सफलता पाने की चाह रखते हैं,लेकिन वास्तविक सफलता समय, मेहनत और सही मानसिक दृष्टिकोण से ही प्राप्त होती है।

डॉ. गौड़ ने एक रोचक गतिविधि के माध्यम से कैडेट्स को समझाया कि असफलता से घबराने की बजाय उसके कारणों का विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि हर असफलता हमें कुछ नया सिखाती है और उसी सीख के आधार पर यदि हम दुगुनी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें, तो सफलता निश्चित है।

इस अवसर पर शिविर संयोजक कर्नल सुधा के बी, सूबेदार मेजर धर्मपाल सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि, बच्चों का मन एक कच्चे घड़े की तरह होता है, जिसे सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर वे भविष्य में अद्भुत उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कैडेट्स को नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

कार्यशाला के समापन सत्र में डॉ. संगीता गौड़ ने टाइम मैनेजमेंट, ग्रेटिट्यूड और अफर्मेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अपने 12 वर्षों के अनुभव में 5000 से अधिक बच्चों की काउंसलिंग के दौरान उन्होंने पाया कि,यदि बच्चे ईश्वर में आस्था और सेवा का भाव अपने जीवन में शामिल करें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश भर से आए कुल 280 कैडेट्स भाग ले रहे हैं।