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Jaislmer news

नशे का ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाईल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो’’थीम पर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम एवं बचाव के बारे में दिया गया संदेश

मुख्य बिंदु
  • राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे मनाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विद्यार्थियों के हितार्थ ‘‘नशे का ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाईल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो’’ विषय पर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करने के लिए अमर शहीद सागरमल गोपा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
  • इस अवसर पर सचिव ललित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि हर छात्र का संकल्प हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का अधिकार है।
  • नशा खुशी का रास्ता नहीं है, यह विनाश का रास्ता है।
  • समझदार बच्चा अपने सपनों को चुनता है, नशे को नहीं।
  • नशे के दुष्प्रभावों, उसकी रोकथाम एवं इस संबंध में कानूनी उपचारों के बारे में संपूर्ण जानकारी को साझा किया एवं रालसा द्वारा इस विषय पर जारी की गई पुस्तिका में उपलब्ध जानकारी को प्रदान किया।
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नशे का ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाईल नहीं,  अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो’’थीम पर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम एवं बचाव के बारे में दिया गया संदेश

              जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे मनाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विद्यार्थियों के हितार्थ ‘‘नशे का ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाईल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो’’ विषय पर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करने के लिए अमर शहीद सागरमल गोपा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

            इस अवसर पर सचिव ललित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि हर छात्र का संकल्प हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का अधिकार है। नशा खुशी का रास्ता नहीं है, यह विनाश का रास्ता है। समझदार बच्चा अपने सपनों को चुनता है, नशे को नहीं। नशे के दुष्प्रभावों, उसकी रोकथाम एवं इस संबंध में कानूनी उपचारों के बारे में संपूर्ण जानकारी को साझा किया एवं रालसा द्वारा इस विषय पर जारी की गई पुस्तिका में उपलब्ध जानकारी को प्रदान किया।

        इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित ने विद्यार्थियों को नशे का दुष्परिणामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि नशा नाश का द्वार है इससे बच्चों का जीवन शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरूद्ध होता है। उन्हों बताया कि आगामी दिनों में रालसा के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न स्कूलों में इस प्रकार के जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा।

       इसी क्रम में विद्यालयों में ’’कोर्ट वाली दीदी’’ नाम से शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई है ताकि बालक-बालिकाएं अपनी समस्याओं से विधिक सेवा प्राधिकरण को सीधे प्रेषित कर सकें एवं उचित स्तर पर उनका त्वरित निराकरण व समाधान हो सके।