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शिक्षांतर संस्थान की ‘शक्ति कन्याओं’ एवं दल ने डाॅ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से की भेंट

सिटी पैलेस संग्रहालय में तीन दिवसीय ‘गवरी’ कला एवं चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर स्थित शिक्षांतर संस्थान के मेवाड़ आदिवासी अंचल की ‘शक्ति कन्याओं’ एवं कलाकार दल ने सिटी पैलेस, उदयपुर में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डाॅ.
  • लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से भेंट की।
  • इस अवसर पर मेवाड़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर ‘गवरी उत्सव’ पर सारगर्भित चर्चा हुई।
  • मेवाड़ ने अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व व्यक्त करते हुए, उनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
  • उन्होंने शिक्षांतर संस्थान की ‘शक्ति कन्याओं’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी प्रयास युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करते हैं।
  • महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के सहयोग से आयोजित यह विशेष ‘गवरी’ कला एवं चित्र प्रदर्शनी 31 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025 तक सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर में प्रदर्शित की जा रही है।
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शिक्षांतर संस्थान की ‘शक्ति कन्याओं’ एवं दल ने डाॅ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से की भेंट

उदयपुर। उदयपुर स्थित शिक्षांतर संस्थान के  मेवाड़ आदिवासी अंचल की ‘शक्ति कन्याओं’ एवं कलाकार दल ने सिटी पैलेस, उदयपुर में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डाॅ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से भेंट की। इस अवसर पर मेवाड़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर ‘गवरी उत्सव’  पर सारगर्भित चर्चा हुई।

 
डाॅ. मेवाड़ ने अपनी संस्कृति और परंपराओं पर गर्व व्यक्त करते हुए, उनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षांतर संस्थान की ‘शक्ति कन्याओं’ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी प्रयास युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करते हैं।
 
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के सहयोग से आयोजित यह विशेष ‘गवरी’ कला एवं चित्र प्रदर्शनी 31 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025 तक सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर में प्रदर्शित की जा रही है। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य मेवाड़ की विशिष्ट लोकसंस्कृति और कला से देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को परिचित कराना है, ताकि मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान और कलात्मक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्राप्त हो सके।