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फाइव एस एवं काइज़ेन” विषय पर एक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम

मुख्य बिंदु
  • क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के राजसमंद चैप्टर द्वारा उदयपुर शहर में स्थित बहु मंजिला इमारत “आर्चि पीस पार्क में “ फाइव एस एवं काइज़ेन” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
  • आधे दिन तक चले इस कार्यक्रम में अपार्टमेंट में रहने वाले सोसाइटी के कुल 89 निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस सार्थक पहल में अपने योगदान दिया।
  • याद रहे कि क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया ने भारत में एक लाख घरों को “फाइव एस “ से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
  • राजसमंद चैप्टर इसी लक्ष्य और प्रधान मंत्री के स्वच्छ भारत के स्वप्न को साकार करने कि दिशा में आगे बढ़ रहा है।
  • कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को “फाइव एस “ एवं काइज़ेन जैसी प्रभावी प्रबंधनकीय अवधारणाओं से परिचित कराना तथा उन्हें दैनिक जीवन में घरों में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
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फाइव एस एवं काइज़ेन” विषय पर एक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम

उदयपुर।। क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के राजसमंद चैप्टर द्वारा उदयपुर शहर में स्थित बहु मंजिला इमारत “आर्चि पीस पार्क में “ फाइव एस एवं काइज़ेन” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। आधे दिन तक चले इस कार्यक्रम में अपार्टमेंट में रहने वाले सोसाइटी के कुल 89 निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस सार्थक पहल में अपने योगदान दिया। याद रहे कि क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया ने भारत में एक लाख घरों को “फाइव एस “ से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। राजसमंद चैप्टर इसी लक्ष्य और प्रधान मंत्री के स्वच्छ भारत के स्वप्न को साकार करने कि दिशा में आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को “फाइव एस “ एवं काइज़ेन जैसी प्रभावी प्रबंधनकीय अवधारणाओं से परिचित कराना तथा उन्हें दैनिक जीवन में घरों में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि ये तकनीकें केवल उद्योगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि घर, समाज और व्यक्तिगत जीवन में भी इनका व्यापक उपयोग किया जा सकता है।

इस अवसर पर क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया, राजसमंद चैप्टर के सचिव डॉ. सुनील कुमार जगासिया एवं डॉ. विक्रम कुमावत ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे “फाइव एस “पद्धति के पांच सिद्धांत— पुनर्व्यवस्था (re -organise ), सुव्यवस्थिता (Neatness), सफाई (Cleaning ), मानकीकरण (Standardization) और अनुशासन (Sustain)—को अपनाकर जीवन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इन सिद्धांतों के पालन से न केवल समय की बचत होती है, वस्तुओं का अपव्यय रुकता है और मानसिक तनाव में भी कमी आती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों, चर्चा सत्रों और वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से सक्रिय रूप से शामिल किया गया। इससे उन्हें यह समझने में आसानी हुई कि घर और सोसाइटी स्तर पर फाइव एस को लागू करके स्वच्छता और सुव्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

काइज़ेन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि यह जापान से उत्पन्न एक ऐसी सोच है, जो निरंतर सुधार (Continuous Improvement) पर आधारित है। इसमें छोटे-छोटे सकारात्मक बदलावों के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों में छोटे सुधार करने का संकल्प ले, तो सामूहिक रूप से समाज में बड़े परिवर्तन संभव हैं।

प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने घर और आसपास के वातावरण को अधिक स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने की प्रेरणा मिली है। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में इन सिद्धांतों को अपनाने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

राजसमंद चैप्टर द्वारा उदयपुर क्षेत्र में इस प्रकार की पहल को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यह न केवल औद्योगिक क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार की दिशा में योगदान दे रहा है, बल्कि सामाजिक एवं घरेलू स्तर पर भी स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो “स्वच्छ एवं संगठित भारत” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।