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सुरों की मंडली का दीपावली स्नेह मिलन समारोह संपन्न, सदस्यों ने सुर एवं संगीत के माध्यम से बांटी एक दूसरे को खुशियां : मुकेश माधवानी

मुख्य बिंदु
  • सुरों की मंडली के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया की सुरों की मंडली का दीपावली संगीत स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ अशोका ग्रीन, शोभागपुरा सम्पन्न हुआ।
  • इस दौरान सुरों की गूंज और तालियों की अनुगूँज से पूरा हाल झूम उठा।
  • संस्थान के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 51 गायकों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
  • बालिका आराध्या वैष्णव द्वारा प्रस्तुत “अजीब दास्तां है ये”, निखिल कुमावत का “तेरी मिट्टी में मिल जावां” और रेशम पुरसवानी की “फेरो ना नजरिया” जैसी प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • आयोजक रमेश दतवानी ने जानकारी दी कि बालिका आराध्या वैष्णव को आयोजक मंडल की ओर से नकद, शील्ड और उपरणा देकर सम्मानित किया गया, वहीं विजय सिंह राजपूत को को भी नकद व उपहार स्वरूप सम्मान प्रदान किया गया।
  • जज चन्द्रसिंह सांखला ने सुश्री रेशम पुरसवानी उनकी हौसला-अफ़जाई की।
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सुरों की मंडली का दीपावली स्नेह मिलन समारोह संपन्न, सदस्यों ने सुर एवं संगीत के माध्यम से बांटी एक दूसरे को खुशियां : मुकेश माधवानी

उदयपुर। सुरों की मंडली के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया की सुरों की मंडली का दीपावली संगीत स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ अशोका ग्रीन, शोभागपुरा सम्पन्न हुआ। इस दौरान सुरों की गूंज और तालियों की अनुगूँज से पूरा हाल झूम उठा।

संस्थान के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 51 गायकों ने अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बालिका आराध्या वैष्णव द्वारा प्रस्तुत “अजीब दास्तां है ये”, निखिल कुमावत का “तेरी मिट्टी में मिल जावां” और रेशम पुरसवानी की “फेरो ना नजरिया” जैसी प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आयोजक रमेश दतवानी ने जानकारी दी कि बालिका आराध्या वैष्णव को आयोजक मंडल की ओर से नकद, शील्ड और उपरणा देकर सम्मानित किया गया, वहीं विजय सिंह राजपूत को को भी नकद व उपहार स्वरूप सम्मान प्रदान किया गया। जज चन्द्रसिंह सांखला ने सुश्री रेशम पुरसवानी उनकी हौसला-अफ़जाई की।

कार्यक्रम के अगले चरण में निखिल कुमावत और रेशम पुरसवानी को भी सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। गीत के साथ कलाकार की वेशभूषा व अभिनय पर आधारित विशेष प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक दुर्गेश चांदवानी और चन्द्रसिंह सांखला ने विजेताओं की घोषणा की, जिसमें विजय सिंह राजपूत प्रथम, डॉ. नरेश शर्मा द्वितीय तथा कमल जुनेजा को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

मंच संचालन का दायित्व मुकेश शर्मा, नारायणलाल लोहार और रमेश दतवानी ने निभाया। स्वागत व्यवस्था की जिम्मेदारी लक्ष्मी आसवानी ने संभाली और उपस्थित अतिथियों को समारोह की झलकियों से अवगत करवाया। साउंड सिस्टम का प्रबंधन कैलाश केवल्या ने किया, जिन्होंने गायकों को कराओके गायन में सहयोग दिया।

मध्यांतर में जलपान की व्यवस्था दिलीप छतवानी और भरत पाहुजा ने संभाली। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों पर पुष्पवर्षा की गई तथा नारायणलाल लोहार ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित कर समारोह का समापन किया।