उदयपुर। रक्षा प्रौद्योगिकी और ड्रोन डिजाइन एवं विकास के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के साथ आगे बढ़ते हुए, चौहान ने वर्ष 2026 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के एयरोस्पेस विभाग के अंतर्गत संचालित ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट में PRA (Project Research Assistant ) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। वे इस परियोजना में Drone Design & Development – System Integration के क्षेत्र में योगदान देंगे।
उन्होंने वर्ष 2020 में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT), वेल्लोर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके पश्चात वर्ष 2024 में उन्होंने Raphe mPhibr Pvt. Ltd., जो रक्षा बलों के लिए ड्रोन निर्माण करने वाली कंपनी है, में कार्य किया।
इस दौरान उन्हें भारतीय सेना (Indian Army), अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस (Adani Defence and Aerospace), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसी प्रतिष्ठित रक्षा संस्थाओं और संगठनों से जुड़े कार्यों का अनुभव प्राप्त हुआ।
रक्षा क्षेत्र में ड्रोन तकनीक, सिस्टम इंटीग्रेशन तथा स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास की दिशा में उनका यह सफर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। IIT बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नई जिम्मेदारी मिलने से उन्हें अनुसंधान, डिजाइन और उन्नत एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में अपने अनुभव को और विकसित करने का अवसर मिलेगा।
चौहान स्वर्गीय ठाकुर साहब दलपत सिंह चौहान के पौत्र हैं। उनके पिता, ठाकुर लेफ्टिनेंट प्रो. (डॉ.) देवेंद्र सिंह चौहान, सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU), उदयपुर में डिप्टी डीन (SW)एवं प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी माता महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उप-प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
उनकी यह उपलब्धि परिवार के लिए गर्व का विषय है। तकनीकी शिक्षा से लेकर रक्षा क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और अब IIT बॉम्बे के ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट तक का उनका सफर युवा इंजीनियरों के लिए प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि देश में उन्नत ड्रोन तकनीक, अनुसंधान और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान देने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
