बाड़मेर/ शहर में कलेक्ट्रेट के सामने शुक्रवार शाम नो एंट्री जोन में एक ट्रक ने दुपहिया वाहन पर सवार होकर घर जा रही महिला को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासन और पुलिस के व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी।
पुलिस ने हादसे के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर धरनार्थियों को जिम्मेदार ठहराया तो धरनार्थियों ने पुलिस को। हादसे की वजह थी गलत दिशा से नो एंट्री जोन में भारी वाहन का प्रवेश,सड़क पर चल रहा धरना और एक तरफा ट्रैफिक।
इधर,पुलिस थाना कोतवाली में दलित संघर्ष समिति के तीन नामजद लोगों सहित करीब 20-25 के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। किशनलाल पुत्र गुरनामल सिंधी निवासी रॉय कॉलोनी ने मामला दर्ज करवाया कि उसके बड़े भाई की पुत्रवधु दीपा पत्नी राजू दुकान से घर जा रही थी।
कलेक्ट्रेट के आगे सामने से गलत दिशा से रहे ट्रक ने हादसे को अंजाम दिया। इससे विवाहिता की मौत हो गई।
हादसे के वक्त दलित संघर्ष समिति के उदाराम, आदूराम, लक्ष्मण वडेरा वगैरह बीस-पच्चीस लोगों ने सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध किया जिससे ट्रक ने गलत दिशा से एंट्री कर हादसे को अंजाम दिया।
पुलिस ने ट्रक चालक धरनार्थियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। धरनार्थियों का आरोप है कि 17 दिन से धरना चल रहा है, इससे पहले भी यहां कई धरने लगे है।
लापरवाही पुलिस की थी, नो एंट्री जोन में ट्रक कैसे घुस गया? ट्रैफिक पुलिस अगर ट्रक को नो एंट्री जोन में प्रवेश से रोकती तो हादसा ही नहीं होता।