उदयपुर। जिंदगी में परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, यदि इंसान के भीतर कुछ कर गुजरने की जिद और अपने सपनों को पूरा करने का जुनून हो, तो कोई भी बाधा उसके कदम नहीं रोक सकती।
समाज में ऐसे अनेक लोग हैं, जो अपने संघर्ष, प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के दम पर न केवल अपनी पहचान बनाते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं।
ऐसे ही जिद्दी दिल लोगों की कहानियों, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को मंच देने के उद्देश्य से बीसीआई द जिद्दी दिल अवॉर्ड्स 2026 का भव्य आयोजन किया गया।
बीसीआई के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने बताया कि बीसीआई – बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल द्वारा प्रेजेंट किए गए इस सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 15 प्रेरणादायी शख्सियतों को सम्मानित किया गया। समारोह का उद्देश्य उन लोगों की जिद, जुनून, संघर्ष, हिम्मत, प्रतिभा और समाज के प्रति समर्पण को सम्मान देना रहा, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।
कार्यक्रम में बीसीआई के फाउंडर मुकेश माधवानी ने द जिद्दी दिल अवॉर्ड्स की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे अनेक लोग हैं, जो बिना किसी दिखावे के अपने क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहचान और मंच देना जरूरी है। इस तरह के आयोजन न केवल उन्हें प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
वहीं द जिद्दी दिल शो की फाउंडर एवं पॉडकास्टर हीना पथिक ने अवॉर्ड्स के पीछे की सोच साझा करते हुए कहा कि हर दिल में कुछ कर गुजरने, अपने सपनों को पूरा करने और अपनी अलग पहचान बनाने की एक जिद होती है।
इसी जिद को सेलिब्रेट करने के उद्देश्य से द जिद्दी दिल अवॉर्ड्स की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि द जिद्दी दिल उनके लिए सिर्फ एक शो या ब्रांड नहीं, बल्कि एक भावना है, जो परसिवियरेंस, करेज, डिटरमिनेशन और कभी हार न मानने के जज्बे को दर्शाती है।
समारोह में स्टर्लिंग अरावली की ओर से अनुपम कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं बॉलीवुड सिंगर रविंद्र उपाध्याय भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न अवॉर्डीज को सम्मानित किया और अपनी शानदार गायकी से समारोह की शाम को यादगार बना दिया। उनके गीतों ने पूरे आयोजन में खास रंग भर दिया।
संघर्ष, प्रतिभा और जुनून के लिए इन अवॉर्डीज को मिला सम्मान समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रेरणादायी शख्सियतों को सम्मानित किया गया। नारायण कालबेलिया को कालबेलिया समाज के उत्थान और समाज के लिए किए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. रोहित योगी को उदयपुर में बेस्ट रेटिना स्पेशलिस्ट के रूप में चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान मिला।
महावीर एवं युवराज को बेजुबान जानवरों की सेवा, देखभाल और संरक्षण के लिए किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जैनिका भंडारी को यंगेस्ट योगा टीचर के रूप में योग के क्षेत्र में उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। धरा ब्यावत को क्लासिकल सिंगिंग एवं डांसिंग के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा और योगदान के लिए सम्मान मिला।
हुनर ट्राइब से जुड़े गौतम भारती एवं अवनी जैन को बेकार समझकर फेंक दी जाने वाली वस्तुओं को रचनात्मक रूप देकर नया रूप और उपयोग देने के अनूठे कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
क्रिएंजा की ओनर पश्मीना जैन को बच्चों को आंखों पर पट्टी बांधकर प्रशिक्षण देने और उनकी विशेष प्रतिभाओं को निखारने के लिए सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में अब तक चार बच्चों ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
जया महाजन को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद अपने मजबूत हौसले, आत्मनिर्भरता और संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया। जया अपने थ्री-व्हीलर के माध्यम से फूड डिलीवरी का कार्य कर रही हैं और उनका आत्मनिर्भरता का जज्बा प्रेरणादायी है।
शगुन कुमावत को कयाकिंग के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों और शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। निकिता एवं कंचन को बेस्ट विमेन एंटरप्रेन्योर्स के रूप में उद्यमिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
राजेंद्र श्रीमाली जी को सोशल एक्टिविस्ट एवं स्नेक कैचर के रूप में उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने विभिन्न स्थानों से सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ा है।
देवीलाल शर्मा जी, एनआईसीयू, भोपाल नोपाल्स हॉस्पिटल में सीनियर नर्सिंग स्टाफ के रूप में अपनी समर्पित सेवाओं के लिए बेस्ट स्टाफ अवॉर्ड से नवाजे गए।
वहीं व्योहम बंदी, कुनीशा कुमावत, गौरिक लोढ़ा एवं तनमय दरक को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में जेएचडब्ल्यू और क्वींस इवेंट्स की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
