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रेलवे सुरक्षा विशेष बल की छठी वाहिनी, दयाबस्ती, दिल्ली ने मनाया 42वां आरपीएफ स्थापना दिवस

नई दिल्ली। रेलवे सुरक्षा विशेष बल की छठी वाहिनी, दयाबस्ती, दिल्ली ने 20 सितंबर 2026 को 42वां आरपीएफ स्थापना दिवस अत्यधिक उत्साह, देशभक्ति

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रेलवे सुरक्षा विशेष बल की छठी वाहिनी, दयाबस्ती, दिल्ली ने मनाया 42वां आरपीएफ स्थापना दिवस

नई दिल्ली। रेलवे सुरक्षा विशेष बल की छठी वाहिनी, दयाबस्ती, दिल्ली ने 20 सितंबर 2026 को 42वां आरपीएफ स्थापना दिवस अत्यधिक उत्साह, देशभक्ति के जज्बे और राष्ट्र सेवा के प्रति एक नए संकल्प के साथ मनाया।

दिन भर चलने वाले इस समारोह की शुरुआत सुबह के एक ऊर्जावान योग सत्र के साथ हुई, जिसका उद्देश्य बल के जवानों के बीच शारीरिक फिटनेस, मानसिक कल्याण और एक स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था।

इस सत्र में सुरक्षा कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन के लिए शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक सतर्कता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। योग सत्र के बाद, आईजी-कम-पीसीएससी/आरपीएसएफ श्री सुमति शांडिल्य ने छठी वाहिनी के कर्मियों को संबोधित किया।

सभी रैंकों के जवानों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, उन्होंने अनुशासन, समर्पण और व्यावसायिकता (प्रोफेशनलिज्म) के बुनियादी मूल्यों पर जोर दिया।

उन्होंने बल से आरपीएसएफ की गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध विरासत को निस्वार्थ भाव से बनाए रखने का आह्वान किया। सामाजिक सेवा के नेक कार्य के तहत, पीसीएससी/आरपीएसएफ के नेतृत्व में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

श्री सुमति शांडिल्य ने स्वयं रक्तदान करके इस अभियान की अगुवाई की, जिसने ‘‘रक्तदान महादान’’ के आदर्श वाक्य के तहत बड़ी संख्या में आरपीएसएफ कर्मियों को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति वाहिनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, पूरे परिसर में एक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अधिकारियों और जवानों ने सक्रिय रूप से पौधे लगाए और एक हरित पर्यावरण के निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराया।

इसके तुरंत बाद ‘‘स्वच्छता अभियान’’ के तहत एक सफाई अभियान चलाया गया, जहाँ कर्मियों ने एक स्वच्छ और स्वस्थ कामकाजी माहौल सुनिश्चित करने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया।

दिन के उत्तरार्ध में, छठी वाहिनी के एडजुटेंट (।करनजंदज) ने एक सुरक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता की। उन्होंने बल के जवानों को कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के माध्यम से बल के गौरवशाली इतिहास को बनाए रखने के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने सभी रैंकों के जवानों से सतर्क, अनुशासित रहने और अनुकरणीय सार्वजनिक आचरण के माध्यम से बल की प्रतिष्ठा को बनाए रखने का आग्रह किया।

इस भव्य समारोह का समापन एक पारंपरिक बड़ा खाना के साथ हुआ, जिसने अधिकारियों और जवानों को एक साथ मिलकर बातचीत करने का एक जीवंत मंच प्रदान किया।

इस भोज ने वाहिनी के भीतर सौहार्द, एकता और आपसी भाईचारे के बंधन को और मजबूत किया।

इस सफल आयोजन ने आरपीएफ के मूल सिद्धांतों-अनुशासन, फिटनेस, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक कल्याणकृको खूबसूरती से प्रदर्शित किया, और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति छठी वाहिनी, आरपीएसएफ के दृढ़ समर्पण को फिर से स्थापित किया।