मुंबई: गुलशन कुमार और टी सीरीज़ पेश करते हैं ‘अस्सी’, जो बनारस मीडिया वर्क्स की प्रस्तुति है। फिल्म का निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया है और इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और अनुभव सिन्हा ने प्रोड्यूस किया है।
‘अस्सी’ एक असरदार इन्वेस्टिगेटिव कोर्टरूम ड्रामा है, जो दमदार कहानी के साथ समाज से जुड़े कई सवाल भी उठाती है। एंड पिक्चर्स इस शुक्रवार, 25 सितंबर रात 9:30 बजे फिल्म का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर लेकर आ रहा है।
फिल्म में तापसी पन्नू एडवोकेट रावी हुस्कर के किरदार में हैं, जो एक ऐसा केस अपने हाथ में लेती हैं, जो उन्हें और उनके आसपास की अदालत को इस सवाल का सामना करने पर मजबूर करता है कि जब कोई पीड़िता इंसाफ की माँग करती है, तो कानूनी व्यवस्था उसके साथ किस तरह पेश आती है।
फिल्म में कानी कुसरुति परिमा के किरदार में हैं। उनके साथ रेवती, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब और नसीरुद्दीन शाह जैसे शानदार कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आएँगे।
अनुभव सिन्हा और गौरव सोलंकी द्वारा लिखी गई ‘अस्सी’, तापसी पन्नू और अनुभव सिन्हा की तीसरी साथ में की गई फिल्म है। इससे पहले दोनों ‘मुल्क’ और ‘थप्पड़’ में साथ काम कर चुके हैं।
इस साल की शुरुआत में सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बाद फिल्म को समीक्षकों ने एक मुश्किल मुद्दे को बिना जरूरत से ज्यादा भावुक हुए और बिना मेलोड्रामा के पेश करने के लिए सराहा है।
फिल्म आसान जवाब देने के बजाय यह सवाल उठाती है कि आखिर एक समाज के तौर पर हम वास्तव में कितना आगे बढ़े हैं।
तापसी पन्नू ने कहा, “जब हमने ‘अस्सी’ बनाई थी, तो मुझे याद है कि मैंने अनुभव से कहा था कि लोग इस फिल्म को मनोरंजन के लिए देखने नहीं आएँगे। वो इसे देखेंगे और कुछ ऐसा महसूस करेंगे, जो उन्हें असहज करेगा और यही इस फिल्म का उद्देश्य है। यही वजह है कि मैं अब इसे टेलीविजन पर देखना चाहती हूँ। सच कहूँ, तो यह ऐसी कहानी है, जिसे लोगों के घरों तक पहुँचना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि इसे देखने के बाद लोग इस पर बात करेंगे।”
निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, “मैं अब तक ‘मुल्क’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘थप्पड़’ जैसी कुछ फिल्में बना चुका हूँ और हर बार कोई न कोई मुझसे पूछता है कि मैं इतनी ‘भारी’ फिल्में क्यों बनाता रहता हूँ।
‘अस्सी’ भी इससे अलग नहीं है। मैंने यह फिल्म लोगों की पसंद बनने के लिए नहीं बनाई।
मैंने इसे इसलिए बनाया क्योंकि इसमें उठाया गया सवाल लगातार मेरे मन में बना हुआ था और जब तक मैंने उसे पर्दे पर नहीं उतारा, तब तक मैं उसे अपने दिमाग से निकाल नहीं पाया।
अब यह फिल्म टेलीविजन पर आ रही है और टीवी ऐसा माध्यम है, जिसकी इस तरह की फिल्म को सच में जरूरत है। मुझे खुशी है कि अलग-अलग उम्र और समाज के अलग-अलग वर्गों से आने वाले दर्शक इसे देखेंगे और उस सच्चाई को महसूस करेंगे, जिसे हमने फिल्म में पेश किया है।”
इस प्रीमियर के साथ एंड पिक्चर्स ‘अस्सी’ को टेलीविजन के एक बड़े दर्शक वर्ग तक लेकर आ रहा है। जो दर्शक इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए, उन्हें अब ऐसी फिल्म देखने का मौका मिलेगा, जिसे समीक्षकों ने सार्थक और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म बताया है।
