उदयपुर। विश्व डाक दिवस के अवसर पर सूक्ष्म कलाकृतियां बनाने वाले कलाकार एवं रिकॉर्ड होल्डर डॉ. चन्द्र प्रकाश चित्तौड़ा ने उदयपुर प्रधान डाकघर में सहायक अधीक्षक डाकघर, उत्तर उपमंडल अनिल चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संकलन तथा राजस्थान के मानचित्र के रूप में संकलित डाक टिकटों की एक विशेष डायरी भेंट की।
डॉ. चित्तौड़ा द्वारा प्रस्तुत सामग्री डाक विभाग के प्रति उनके लंबे जुड़ाव, डाक टिकट संग्रह में उनकी रुचि और समय के साथ विभाग में आए बदलावों की यात्रा को दर्शाती है। समाचार पत्रों की खबरों का संकलन डाक सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों का दस्तावेजी रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है, जबकि राजस्थान के मानचित्र पर आधारित डाक टिकटों का संग्रह प्रदेश की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को डाक टिकटों के माध्यम से सामने लाता है।
इस अवसर पर डाक विभाग की ओर से डॉ. चित्तौड़ा को लैटर बॉक्स की स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उनके संग्रह और विभाग के प्रति रुचि की सराहना की।
डाक टिकट संग्रह केवल एक शौक नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और महत्वपूर्ण घटनाओं को सहेजने का माध्यम भी है। डाक टिकटों के जरिए किसी क्षेत्र की विरासत, महापुरुषों, ऐतिहासिक स्थलों और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जुड़ी जानकारियों को संरक्षित किया जा सकता है। इसी तरह पुराने समाचार पत्रों का संकलन बीते समय की घटनाओं और संस्थागत बदलावों को समझने में उपयोगी होता है।
कार्यक्रम में डाक विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। विश्व डाक दिवस के अवसर पर हुई यह भेंट डाक सेवाओं के प्रति जागरूकता और विभाग के ऐतिहासिक योगदान को याद करने का एक अवसर बनी।
