जयपुर। जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल निवासी युवा शोधार्थी विकास कुमार उज्जैनिया ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें यह उपाधि भाकृअनुप–केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मुंबई के जलकृषि विभाग से प्रदान की गई।
विकास
कुमार उज्जैनिया ने अपना शोध कार्य “भारत के पश्चिमी घाट की ज़ेब्रा लोच के जीवन-इतिहास
से संबंधित लक्षणों का अध्ययन” विषय पर डॉ. पारोमिता बैनर्जी सावंत के निर्देशन में
पूर्ण किया।
शोध
के दौरान उन्होंने पश्चिमी घाट में पाई जाने वाली महत्वपूर्ण देशज सजावटी मछली ज़ेब्रा
लोच के जीवन-इतिहास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया। शोध में इसके
आहार, वृद्धि, प्रजनन, आकारिकी एवं सजावटी विशेषताओं का अध्ययन किया गया। शोध से इस
प्रजाति के संरक्षण, प्रजनन तथा सजावटी मत्स्य पालन के लिए उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी
प्राप्त हुई है।
विकास
कुमार उज्जैनिया की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए भी विशेष गौरव का विषय है। सोनाका
परिवार में अब तीन डॉक्टर हो गए हैं। विकास अपने पिता डॉ. एन. सी. उज्जैनिया और बड़े
भाई डॉ. दीपक कुमार उज्जैनिया के बाद परिवार में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने वाले
तीसरे सदस्य हैं।
विकास
का सपना था कि जिस संस्थान से उनके पिता ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की, उसी संस्थान
से वे भी डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करें। वर्षों की मेहनत, लगन और समर्पण के बाद उन्होंने
अपने इस सपने को साकार किया। पिता के शैक्षणिक सफर से प्रेरणा लेते हुए उसी संस्थान
से पीएच.डी. हासिल करना उनके लिए विशेष उपलब्धि है।
विकास
की सफलता से माता-पिता डॉ. एन. सी. उज्जैनिया एवं श्रीमती मीरा उज्जैनिया सहित पूरे
सोनाका परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों, शिक्षकों एवं
शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
दीं।
