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पुरखों के त्याग, तपस्या और मेहनत को याद करें -श्री देवनानी

पुरखों के त्याग, तपस्या और मेहनत को याद करें -श्री देवनानी

मुख्य बिंदु
  • श्री देवनानी बोले विश्व को दृष्टि दी इसीलिए भारत महान*श्री देवनानी ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अल्बर्ट हॉल पर प्रदर्शनी का किया उ‌द्घाटनजयपुर, 1 राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि आज भी ऐसे लोग मौजूद है जिन्होंने भारत विभाजन विभीषिका को देखा है।
  • विरासत और संघर्ष की उस पीढी के त्याग, तपस्या और मेहनत को वर्तमान और भविष्य की पीढी को याद रखना होगा।
  • प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिवस को मनाने की घोषणा इसलिए ही की थी कि हमें हमारा इतिहास याद रहे।
  • विभीषिका को झेलने वाले हमारे पुरखों ने संघर्षों के बावजूद कभी हाथ नहीं फैलाए, बल्कि छोट-छोटे काम करके प्रगति की और समरस होकर भारत में जीवन जिया।
  • आज ऐसे लोगो की आयकर में 21 प्रतिशत भागीदारी है।
  • श्री देवनानी शुक्रवार को यहां अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस राज्य स्तरीय सचित्र प्रदर्शनी का फीता खोलकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।
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पुरखों के त्याग, तपस्या और मेहनत को याद करें -श्री देवनानी
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श्री देवनानी बोले विश्व को दृष्टि दी इसीलिए भारत महान*श्री देवनानी ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर अल्बर्ट हॉल पर प्रदर्शनी का किया उ‌द्घाटनजयपुर, 1 राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि आज भी ऐसे लोग मौजूद है जिन्होंने भारत विभाजन विभीषिका को देखा है।

विरासत और संघर्ष की उस पीढी के त्याग, तपस्या और मेहनत को वर्तमान और भविष्य की पीढी को याद रखना होगा। प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिवस को मनाने की घोषणा इसलिए ही की थी कि हमें हमारा इतिहास याद रहे।

विभीषिका को झेलने वाले हमारे पुरखों ने संघर्षों के बावजूद कभी हाथ नहीं फैलाए, बल्कि छोट-छोटे काम करके प्रगति की और समरस होकर भारत में जीवन जिया।

आज ऐसे लोगो की आयकर में 21 प्रतिशत भागीदारी है।श्री देवनानी शुक्रवार को यहां अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस राज्य स्तरीय सचित्र प्रदर्शनी का फीता खोलकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।

उन्होंने प्रदर्शनी के सभी चित्रों का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा आयोजित की गई।

श्री देवनानी ने राजकीय केन्द्रीय संग्रहालय का भी अवलोकन किया।

स्पीकर श्री देवनानी ने इस मौके पर विभाजन विभीषिका के साक्षी रहे परिवारों का शॉल ओढाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।*दो दिन में पांचवां कार्यक्रम-* स्पीकर श्री देवनानी का विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर गत दो दिन में यह पांचवां कार्यक्रम था।

इससे पहले उन्होंने अजमेर में ऐसे चार कार्यक्रमों में भाग लिया।*भावुक हुए श्री देवनानी -* स्पीकर श्री देवनानी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह विभीषिका आत्मघाती और आत्मा को झकझोर देने वाली थी।

प्रदर्शनी में उस वक्त के चित्रों को देखे तो पता चलता है कि यह घटना कितनी भयाभय थी। सम्बोधन में भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि विभीषिका के इस दंश को उनके पिता ने झेला था।

बहुत मेहनत करके गरीबी में पिता ने परिवार का पालन पोषण किया।

श्री देवनानी ने कहा कि वे स्ट्रीट लाईट में पढ़ाई करके यहां तक पहुँचे है।*जड़ों को न छोडे -* श्री देवनानी ने युवाओं का आव्हान किया कि एआई के जमाने में आप लोग भले ही जीये, कहीं भी रहे लेकिन जब घर लौटे तो अपने दादा-दादी, नाना-नानी के पास जरूर बैठे।

उनसे बात करें, उनसे प्रेरणा ले, ताकि संस्कार जीवित रहे और समाज में विकृति ना आ पाए। अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच कोई भी भाषा बोले, लेकिन अपनी भाषा को न भूले।

यह भारत ही है जहां मॉ, बाप, भाई-बहिन सहित सभी रिश्ते मौजूद है और परिवार का स्वरूप जीवित है।*राष्ट्र प्रथम का संकल्प लें-* श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र प्रथम का भाव रखने का आज संकल्प लें।

कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढे। एक साथ रहे। राष्ट्र प्रथम को केन्द्र में रखें।

इस मौके पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेन्द्र, जयपुर वृत्त अधीक्षक श्री नीरज त्रिपाठी सहित अनेक अधिकारीगण मौजूद थे।