नई दिल्ली: वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनी डीपी वर्ल्ड ने दिल्ली के ऐतिहासिक कुतुब मीनार को शानदार रोशनी और विशेष प्रोजेक्शन मैपिंग शो से जगमगा दिया। यह आयोजन डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप 2026 से पहले किया गया। यह प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता 15 से 18 अक्टूबर तक दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित होगी।
इस खास शाम को दिल्ली की पहचान और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों में से एक कुतुब मीनार को गोल्फ की दुनिया से जोड़ते हुए रोशनी के शानदार प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया गया। विशेष रूप से तैयार किए गए इस शो की शुरुआत कुतुब मीनार पर भारतीय तिरंगे के रंगों को प्रदर्शित करने के साथ हुई। इसके बाद रोशनी और तस्वीरों के माध्यम से भारत की संस्कृति, कला और ऐतिहासिक विरासत को दिखाया गया। फिर कुतुब मीनार पर गोल्फ कोर्स के हरे-भरे मैदानों की तस्वीरें दिखाई गईं। इस तरह भारत की समृद्ध विरासत से लेकर अंतरराष्ट्रीय गोल्फ में देश की बढ़ती पहचान तक की कहानी पेश की गई।
इस दौरान कुतुब मीनार पर चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले दुनिया के कई बड़े गोल्फ खिलाड़ियों की तस्वीरें भी दिखाई गईं। इनमें लगातार दो बार मास्टर्स चैंपियनशिप जीतने वाले रोरी मैक्लरॉय, मौजूदा चैंपियन टॉमी फ्लीटवुड, जस्टिन रोज और शेन लॉरी शामिल थे। इनके साथ भारत के प्रमुख गोल्फ खिलाड़ी शुभंकर शर्मा और अनिर्बान लाहिड़ी की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं। इस अनोखे आयोजन के जरिए भारतीय इतिहास की शानदार विरासत के बीच देश और दुनिया के बड़े गोल्फ खिलाड़ियों को एक मंच पर दिखाया गया।
प्रोजेक्शन शो में 'रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप' को भी विशेष रूप से दिखाया गया। यह एक नई प्रतियोगिता है, जिसके जरिए डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के 24 खिलाड़ियों को डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिलेगा। कुतुब मीनार पर डीपी वर्ल्ड टूर और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सफर को एक साथ दिखाते हुए भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को सम्मान दिया गया। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारतीय खिलाड़ियों को अब दुनिया के शीर्ष गोल्फरों के साथ मुकाबला करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
शो के अंत में डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप की खास 'लोटस ट्रॉफी' को कुतुब मीनार पर प्रदर्शित किया गया। इसके बाद पूरे देश को गोल्फ के इस बड़े आयोजन से जुड़ने का संदेश देते हुए कहा गया, "इंडिया, इट्स टाइम टू टी ऑफ", यानी भारत, अब गोल्फ खेलने की शुरुआत करने का समय आ गया है।
डीपी वर्ल्ड के कंट्री मैनेजर (भारतीय उपमहाद्वीप) हेमंत कुमार रुइया ने कहा, "डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय गोल्फ में भारत की स्थिति को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिस तरह हम भारत को वैश्विक व्यापार से और अधिक मजबूती से जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं, उसी तरह हम देश को अंतरराष्ट्रीय गोल्फ से भी जोड़ना चाहते हैं। हम वैश्विक जुड़ाव की इसी भावना को ऐसे तरीके से दिखाना चाहते थे, जिसमें भारत की अपनी अलग पहचान नजर आए।"
उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली की पहचान और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक कुतुब मीनार को चैंपियनशिप के रंगों, उत्साह और खिलाड़ियों की तस्वीरों से रोशन करना भारत की समृद्ध विरासत और खेलों के क्षेत्र में उसकी बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के बीच एक मजबूत संबंध बनाता है। जब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ी भारत के प्रमुख खिलाड़ियों के साथ दिल्ली में खेलेंगे, तो यह हमारे लिए गर्व की बात होगी। हमें ऐसा मंच तैयार करने पर गर्व है, जो गोल्फ के प्रति देश के उत्साह को दिखाता है, भारतीय प्रतिभाओं को सामने लाता है और हमारे खिलाड़ियों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने का अवसर देता है।"
डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप का यह दूसरा संस्करण है। इस प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि 40 लाख अमेरिकी डॉलर रखी गई है। भारत में आयोजित होने वाली किसी भी डीपी वर्ल्ड टूर प्रतियोगिता के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है।
डीपी वर्ल्ड टूर और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की संयुक्त मंजूरी से आयोजित होने वाली यह चैंपियनशिप डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तुत 'रेस टू दुबई' के 'बैक 9' चरण का हिस्सा है। यह चरण गोल्फ सत्र के अंतिम और महत्वपूर्ण मुकाबलों में शामिल होता है। इसके जरिए दुनिया के कई बड़े गोल्फ खिलाड़ी दिल्ली में खेलते नजर आएंगे।
टॉमी फ्लीटवुड ने वर्ष 2025 में आयोजित डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप के पहले संस्करण का खिताब जीता था। अब वह इस साल अपना खिताब बचाने के लिए दोबारा दिल्ली लौट रहे हैं।
डीपी वर्ल्ड वर्ष 2022 से डीपी वर्ल्ड टूर का मुख्य प्रायोजक है। कंपनी भारत जैसे अपने महत्वपूर्ण बाजार में विश्वस्तरीय गोल्फ प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य भारत में गोल्फ को बढ़ावा देना, खेल से जुड़ी सुविधाओं और व्यवस्थाओं को मजबूत करना तथा देश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर उपलब्ध कराना है।
