नई दिल्ली: डीपी वर्ल्ड भारत में अधिक से अधिक दिव्यांग लोगों को गोल्फ खेलने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। इसके तहत कंपनी ने अपने डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप लिगेसी फंड से एडेप्टिव गोल्फ अलायंस फाउंडेशन (AGAF) को 10,000 ब्रिटिश पाउंड के बराबर आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस आर्थिक सहायता से एडेप्टिव गोल्फ अलायंस फाउंडेशन को देशभर में 'डिस्कवरी इवेंट्स' आयोजित करने में मदद मिलेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए दिव्यांग लोगों को गोल्फ से परिचित कराया जाएगा और उन्हें यह खेल सीखने का मौका मिलेगा। इसके बाद इच्छुक खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर भी दिए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल गोल्फ प्रशिक्षकों को तैयार करने और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने में भी किया जाएगा। साथ ही नए खिलाड़ियों को पहले से गोल्फ खेल रहे अनुभवी दिव्यांग खिलाड़ियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
यह घोषणा डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप सप्ताह के दौरान दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित एक विशेष एडेप्टिव गोल्फ कार्यक्रम के बाद की गई। इस कार्यक्रम में डीपी वर्ल्ड टूर और राइडर कप विजेता शेन लॉरी तथा भारतीय पेशेवर गोल्फर और एशियाई खेल 2026 में टीम स्पर्धा की रजत पदक विजेता दीक्षा डागर ने हिस्सा लिया। दीक्षा डागर स्वयं भी एक दिव्यांग खिलाड़ी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों के साथ विशेष गोल्फ प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया।
डीपी वर्ल्ड के कंट्री मैनेजर (भारतीय उपमहाद्वीप) हेमंत कुमार रुइया ने कहा, "डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप का उद्देश्य केवल विश्वस्तरीय गोल्फ प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। हमारा मकसद इस टूर्नामेंट से आगे बढ़कर समाज में लंबे समय तक सकारात्मक बदलाव लाना है। डीपी वर्ल्ड लिगेसी फंड के माध्यम से हम उन बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो लोगों को गोल्फ खेलने से रोकती हैं। हम इस खेल को अधिक से अधिक लोगों के लिए सुलभ बनाना चाहते हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इसमें हिस्सा ले सकें। एडेप्टिव गोल्फ अलायंस फाउंडेशन को हमारा सहयोग इसी सोच को दर्शाता है। हमारा मानना है कि खेल लोगों को सशक्त बनाता है, उनका आत्मविश्वास बढ़ाता है और हर तरह की क्षमता वाले लोगों को आगे बढ़ने तथा अपनी प्रतिभा साबित करने के अवसर देता है।"
एडेप्टिव गोल्फ अलायंस फाउंडेशन के निदेशक बलेंदु सिंह ने कहा, "डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप लिगेसी फंड से मिलने वाला सहयोग हमें देशभर में अधिक दिव्यांग लोगों को गोल्फ से जोड़ने में मदद करेगा। हमारा हर डिस्कवरी इवेंट लोगों को यह दिखाने का अवसर है कि गोल्फ ऐसा खेल है, जिसे वे भी खेल सकते हैं, उसका आनंद ले सकते हैं और उसमें सफलता हासिल कर सकते हैं। इस आर्थिक सहायता से हम अधिक समुदायों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही खिलाड़ियों को अपना खेल बेहतर बनाने और गोल्फ में अपने लक्ष्य हासिल करने के नए अवसर मिलेंगे।"
यूरोपियन डिसेबल्ड गोल्फ एसोसिएशन (EDGA) के अध्यक्ष टोनी बेनेट ने कहा, "एडेप्टिव गोल्फ अलायंस फाउंडेशन की टीम ने अपनी स्थापना के केवल नौ महीनों में भारत में दिव्यांग लोगों के लिए गोल्फ को बढ़ावा देने की दिशा में शानदार प्रगति की है। शुरुआती प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लेकर देश की पहली G4D गोल्फ प्रतियोगिता आयोजित करने तक फाउंडेशन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। द आर एंड ए (The R&A) के सहयोग से चलने वाले आठ चरणों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ईडीजीए ने अपना अनुभव साझा किया है और भारत में एडेप्टिव गोल्फ की मजबूत नींव तैयार करने में मदद की है। हमें उम्मीद है कि आगे भी हमारा सहयोग जारी रहेगा और अधिक दिव्यांग लोगों को गोल्फ खेलने तथा इस खेल में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।"
यह डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप लिगेसी फंड के सहयोग से शुरू किया गया तीसरा कार्यक्रम है। इस फंड की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि चैंपियनशिप के आयोजन के बाद भी देश में गोल्फ को बढ़ावा मिलता रहे। इसके जरिए अधिक लोगों को गोल्फ से जोड़ने, नई प्रतिभाओं को विकसित करने और देशभर में खिलाड़ियों के लिए अवसर पैदा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इससे पहले इस फंड के माध्यम से भारत में 'द आर एंड ए वीमेन इन गोल्फ लीडरशिप फाउंडेशन प्रोग्राम' शुरू करने में सहयोग दिया गया था। इसके अलावा जेन गोल्फ (ZEN Golf) और गोल्फ फाउंडेशन इंडिया के माध्यम से जमीनी स्तर पर गोल्फ को बढ़ावा देने और नए लोगों को इस खेल से जोड़ने की पहल भी की गई।
डीपी वर्ल्ड क्लब हाउस पहल के तहत जेन गोल्फ अब तक दिल्ली-एनसीआर के 12 स्कूलों में लगभग 1,500 बच्चों को गोल्फ से परिचित करा चुका है। यह दर्शाता है कि डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप लिगेसी फंड देश में गोल्फ को लोकप्रिय बनाने और अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
