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श्रीगंगानगर के 41 वर्षीय भगवंत सिंह सिद्धू बने जिले के पहले सुपर रैंडोन्योर, पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस 2027 के लिए किया क्वालीफाई

श्रीगंगानगर। जिले के गाँव मोहनपुरा निवासी 41 वर्षीय भगवंत सिंह सिद्धू, पुत्र स्वर्गीय सरदार हरबंस सिंह फौजी, ने लंबी दूरी की साइक्लिंग

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श्रीगंगानगर के 41 वर्षीय भगवंत सिंह सिद्धू बने जिले के पहले सुपर रैंडोन्योर, पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस 2027 के लिए किया क्वालीफाई

श्रीगंगानगर । जिले के गाँव मोहनपुरा निवासी 41 वर्षीय भगवंत सिंह सिद्धू, पुत्र स्वर्गीय सरदार हरबंस सिंह फौजी, ने लंबी दूरी की साइक्लिंग में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए श्रीगंगानगर जिले के पहले सुपर रैंडोन्योर बनने का गौरव प्राप्त किया है।

उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर 200, 300, 400 और 600 किलोमीटर की चारों ब्रेवेट राइड्स (बीआरएम) सफलतापूर्वक पूरी कर यह उपलब्धि हासिल की।

इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 में पेरिसए फ्रांस में आयोजित होने वाली विश्वविख्यात पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस अल्ट्रा-डिस्टेंस साइक्लिंग राइड के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।भगवंत सिंह सिद्धू ने अपनी इस उपलब्धि की शुरुआत 5 सितंबर 2026 को पटियाला रैंडोन्योर द्वारा आयोजित 300 किलोमीटर की ठत्ड राइड पूरी करके की।

उन्होंने यह दूरी मात्र 13 घंटे 21 मिनट में तय की। इसके बाद 19 सितंबर 2026 को 400 किलोमीटर की राइड 22 घंटे 53 मिनट में पूरी की।

वहीं, 26 सितंबर 2026 को आयोजित 600 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण राइड को उन्होंने 36 घंटे 31 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया।इस उपलब्धि का अंतिम पड़ाव 25 अक्टूबर 2026 को रहा, जब हॉक राइडर्स जालंधर द्वारा आयोजित 200 किलोमीटर की बीआरएम राइड को भगवंत सिंह सिद्धू ने मात्र 8 घंटे 30 मिनट में पूरा किया।

इन चारों निर्धारित दूरियों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद वे श्रीगंगानगर जिले के पहले सुपर रैंडोन्योर बन गए।2027 की ऐतिहासिक चुनौती के लिए तैयारभगवंत सिंह सिद्धू की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रीगंगानगर जिले में साइक्लिंग और सहनशक्ति आधारित खेलों को नई पहचान देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

उनकी मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयारी की जा सकती है।अब उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2027 में फ्रांस में आयोजित होने वाली पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस राइड में भाग लेना है।

यह लगभग 1,200 किलोमीटर लंबी, विश्व की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित लंबी दूरी की साइक्लिंग राइड्स में से एक है।

इसका इतिहास 1891 से जुड़ा है और इसे पूरा करने के लिए असाधारण शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, समय प्रबंधन तथा कठिन परिस्थितियों में लगातार साइकिल चलाने की क्षमता की आवश्यकता होती है।भगवंत सिंह सिद्धू की इस सफलता से क्षेत्र के युवाओं और साइक्लिंग प्रेमियों को प्रेरणा मिलेगी।

उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और मजबूत संकल्प के बल पर बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।भगवंत सिंह सिद्धू का उद्देश्य साइक्लिंग को बढ़ावा देना, युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना और श्रीगंगानगर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग मानचित्र पर पहचान दिलाना है।

अब सभी की निगाहें उनकी आगामी पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस 2027 की तैयारी पर टिकी हैं।