मुंबई: टेलीविजन पर कभी-कभी कुछ ऐसे पल देखने को मिलते हैं,
जब खेल और मनोरंजन के बीच रिश्तों की खूबसूरती दिल को छू जाती है। 'इंडिया के टॉप
1%- द अनिल कपूर शो' के आगामी एपिसोड में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा। दिवंगत अभिनेता
और फिल्मकार सतीश कौशिक से मिलती-जुलती शक्ल वाले प्रतियोगी गगन को देखकर अनिल कपूर
को अपने जिगरी दोस्त की याद आ गई और उन्होंने उनसे जुड़े कई अनमोल किस्से साझा किए।
बातचीत के दौरान गगन ने बताया कि लोग अक्सर उनकी शक्ल की तुलना सतीश कौशिक से करते
हैं। उन्होंने दिल्ली में टेलीविजन शो 'सुमित संभाल लेगा' की शूटिंग के दौरान सतीश
कौशिक से हुई मुलाकात का किस्सा भी सुनाया। उनकी बातों ने अनिल कपूर की पुरानी यादें
ताजा कर दीं। सतीश के साथ उनका रिश्ता सिर्फ साथ काम करने तक सीमित नहीं था, बल्कि
वे दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे।
अपने दोस्ती को याद करते हुए, अनिल कपूर ने कहा, "उनके साथ मेरा जो रिश्ता था,
उसे मैं शब्दों में बयाँ नहीं कर सकता। यह शूट अगर 70 मिनट का भी हो, तो भी उनके किस्से
सुनाने के लिए वक्त कम पड़ जाएगा। वो मुझसे कहा करते थे, "तेरा टैलेंट लाजवाब
है।"
अनिल ने यह भी बताया कि वे प्यार से सतीश को 'डैनी डेविटो' बुलाते थे। दोनों को फिल्म
'ट्विन्स' बेहद पसंद थी और वे अक्सर साथ में जुड़वाँ भाइयों का किरदार निभाने की कल्पना
किया करते थे। इसी खास जुड़ाव को याद करते हुए अनिल ने कहा, "अगर मेरा कोई जुड़वाँ
भाई बन सकता है, तो वह सिर्फ सतीश था, क्योंकि उसको मेरे बारे में हर चीज पता थी। मेरा
गुस्सा, मेरी खुशी, हर चीज। वह मुझे बहुत अच्छी तरह जानता था।"
इस भावुक बातचीत के बीच हँसी का एक पल भी आया, जब गगन और अनिल कपूर ने मंच पर सतीश
कौशिक का यादगार डायलॉग दोहराया, "मेरा नाम है कैलेंडर, मैं चला किचन के अंदर!"
इस डायलॉग ने सतीश के चिरपरिचित मजाकिया अंदाज की याद दिला दी और दर्शकों के चेहरों
पर मुस्कान आ गई। गगन की इस कोशिश से खुश होकर अनिल ने उनसे कहा, "आपने मेरा दिल
जीत लिया है।" फिर माहौल को हल्का करते हुए उन्होंने दर्शकों से मजाक में कहा
कि अगर किसी के पास 'ट्विन्स' से प्रेरित फिल्म बनाने के पैसे हों, तो वह उन्हें और
गगन को जुड़वाँ भाइयों के किरदार में जरूर कास्ट करे।
यह बातचीत सतीश कौशिक की कला के साथ-साथ उस दोस्ती की भी खूबसूरत याद बन गई, जिसमें
अपनापन, हँसी और एक-दूसरे को समझने का गहरा एहसास था। अनिल की बातों से साफ झलका कि
अपने दोस्त से जुड़ी यादें आज भी उनके दिल के बेहद करीब हैं।
