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Udaipur News

महावीर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन में गुरु-शिष्य परंपरा का हुआ भव्य सम्मान, विद्यार्थियों ने किया गुरु वंदन

मुख्य बिंदु
  • महावीर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के तत्वावधान में कीर की चैकी स्थित महावीर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, सम्मान और भारतीय संस्कृति के अनुरूप उत्साहपूर्वक मनाया गया।
  • कार्यक्रम में बीए, एमए एवं डीएलएड के विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने गुरुजनों का अभिनंदन कर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की।
  • कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुजनों के माल्यार्पण, तिलक एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान के साथ हुआ।
  • विद्यार्थियों ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया।
  • पूरे परिसर में गुरु वंदन के साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
  • आशीष वया ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक होते हैं।
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महावीर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन में गुरु-शिष्य परंपरा का हुआ भव्य सम्मान, विद्यार्थियों ने किया गुरु वंदन

उदयपुर। महावीर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के तत्वावधान में कीर की चैकी स्थित महावीर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, सम्मान और भारतीय संस्कृति के अनुरूप उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में बीए, एमए एवं डीएलएड के विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने गुरुजनों का अभिनंदन कर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुजनों के माल्यार्पण, तिलक एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया। पूरे परिसर में गुरु वंदन के साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।

संस्थान निदेशक डॉ. आशीष वया ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक होते हैं।

महावीर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. निर्मला पुरोहित ने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है।

महावीर जैन विद्यालय संस्थान की प्राचार्या डॉ. ज्योति बाला कूदाल ने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के संवाहक होते हैं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, समर्पण और कृतज्ञता प्रकट करने का पावन अवसर है। गुरु ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें जीवन में सफलता, नैतिकता और संस्कारों की राह दिखाते हैं।

इस अवसर पर श्रीमती नीलम मोदी, डॉ. भेरुदास वैष्णव, अशोक जैन, रोहित शर्मा, दीपक ननोमा, रोशन साल्वी, मितेश शर्मा, भेरूलाल मेघवाल, श्रीमती संगीता पालीवाल, श्रीमती कृष्णा पालीवाल सहित संस्था के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के बताए आदर्शों पर चलने तथा शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और गुरु के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।