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Udaipur News

SATVA Wellbeing ने नवप्रवेशी विधि विद्यार्थियों को दिया मानसिक सशक्तिकरण का संदेश

मुख्य बिंदु
  • मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत SATVA Wellbeing ने Pacific Institute of Law के बी.
  • के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के इंडक्शन प्रोग्राम में एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया।
  • सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत मानसिक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं संतुलित दृष्टिकोण के साथ करने के लिए प्रेरित करना था।
  • सत्र को संबोधित करते हुए SATVA Wellbeing के संस्थापक एकलिंग अग्रवाल ने कहा कि एक सफल विधि विशेषज्ञ बनने के लिए केवल कानून का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक परिपक्वता, आत्म-जागरूकता और प्रभावी संवाद कौशल भी उतने ही आवश्यक हैं।
  • उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, उद्देश्यपूर्ण जीवन, समय प्रबंधन तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया।
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SATVA Wellbeing ने नवप्रवेशी विधि विद्यार्थियों को दिया मानसिक सशक्तिकरण का संदेश

उदयपुर। मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत SATVA Wellbeing ने Pacific Institute of Law के बी.ए. एलएल.बी. एवं एलएल.बी. के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के इंडक्शन प्रोग्राम में एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत मानसिक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं संतुलित दृष्टिकोण के साथ करने के लिए प्रेरित करना था।

सत्र को संबोधित करते हुए SATVA Wellbeing के संस्थापक एकलिंग अग्रवाल ने कहा कि एक सफल विधि विशेषज्ञ बनने के लिए केवल कानून का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक परिपक्वता, आत्म-जागरूकता और प्रभावी संवाद कौशल भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, उद्देश्यपूर्ण जीवन, समय प्रबंधन तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र में विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि मानसिक स्वास्थ्य किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि एक सशक्त और सफल व्यक्तित्व की पहचान है। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपने विचार साझा किए और सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

SATVA Wellbeing की मुख्य परिचालन अधिकारी पद्मिनी राठौड़ ने संस्था के उद्देश्य एवं युवाओं के लिए चलाए जा रहे मानसिक स्वास्थ्य अभियानों की जानकारी देते हुए कहा कि SATVA का लक्ष्य युवाओं के लिए ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने SATVA Wellbeing के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। विद्यार्थियों ने भी भविष्य में SATVA Wellbeing के साथ ऐसे और संवादात्मक सत्र आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

उल्लेखनीय है कि मां भगवती विकास संस्थान द्वारा संचालित "जीवन संरक्षण अभियान" के अंतर्गत SATVA Wellbeing विद्यार्थियों एवं आमजन के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों में निःशुल्क जागरूकता एवं सशक्तिकरण सत्र आयोजित कर रहा है। संस्था का उद्देश्य युवाओं के लिए एक सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना है, जहाँ वे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बन सकें और आवश्यकता पड़ने पर सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

SATVA Wellbeing का मानना है कि शिक्षा के साथ मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को भी समान महत्व दिया जाए, तो युवा न केवल बेहतर विधि विशेषज्ञ बनेंगे, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक के रूप में समाज में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।