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Udaipur News

हास्य कवि स्व. दाडम चंद (डाडम) जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन

मुख्य बिंदु
  • मुस्कान क्लब के सदस्यों ने शनिवारीय विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत मेवाड़ी भाषा के प्रख्यात हास्य कवि स्व.
  • दाडम चंद (डाडम) जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया।
  • कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहन लाल चौधरी ने की।
  • स्नेहलता लोढ़ा द्वारा की गई ईश वंदना के उपरांत सूरजमल पोरवाल द्वारा आगमी पिकनिक से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ मंच से साझा की गईं।
  • माथुर ने अध्यक्ष महोदय का स्वागत-सम्मान किया।
  • मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि मुस्कान क्लब के सदस्य कवि स्व डाडम जी विगत कुछ समय से अपने कवि सम्मेलन में कहा करते रहे हैं कि " मेरे जाने के बाद मेरी इस हास्य की फसल को मुरझाने मत देना" , इन्हीं भावना के अनुरूप निम्न हास्य प्रस्तुतियों का क्रमवार दौर प्रारम्भ हुआ।
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हास्य कवि स्व. दाडम चंद (डाडम) जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन

मुस्कान क्लब के सदस्यों ने शनिवारीय विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत मेवाड़ी भाषा के प्रख्यात हास्य कवि स्व. दाडम चंद (डाडम) जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहन लाल चौधरी ने की।

कार्यक्रम का संचालन के. के. त्रिपाठी ने किया। स्नेहलता लोढ़ा द्वारा की गई ईश वंदना के उपरांत सूरजमल पोरवाल द्वारा आगमी पिकनिक से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ मंच से साझा की गईं। इसके बाद एम. पी. माथुर ने अध्यक्ष महोदय का स्वागत-सम्मान किया।

मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि मुस्कान क्लब के सदस्य कवि स्व डाडम जी विगत कुछ समय से अपने कवि सम्मेलन में कहा करते रहे हैं कि " मेरे जाने के बाद मेरी इस हास्य की फसल को मुरझाने मत देना" , इन्हीं भावना के अनुरूप निम्न हास्य प्रस्तुतियों का क्रमवार दौर प्रारम्भ हुआ।

भगवती प्रसाद इंद्रावत, श्रीमती कुसुम लता त्रिपाठी, वी. बी. श्रीमाली, श्रीमती संतोष गुप्ता, श्रीमती सरस्वती माहेश्वरी, गजेन्द्र लोढ़ा, श्रीमती स्नेह लता लोढ़ा, बिहारी लाल कनेरिया, दामोदर सैनी, श्रीमती लक्ष्मी आसवानी, उम्मीद सिंह दुलावत, एम. पी. माथुर और श्री ईश्वर चंद्र कोस्तुभ ।

अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। दो मिनट के मौन द्वारा स्व. दाडम साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और कार्यक्रम विरामित हुआ।