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Udaipur News

नुकसान देय हो सकता हैं पशुओं को प्रचुर मात्रा में हरी घास खिलाना

मुख्य बिंदु
  • पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ.
  • सुरेन्द्र छंगाणी ने बताया कि वर्षा के मौसम में हरा चारा बहुतायात उपलब्ध होने के कारण पशुपालकों द्वारा पशुओं को प्रचुर मात्रा में केवल हरा चारा खिलाया जाता है।
  • प्रचुर मात्रा में पशुओं को खिलाया जाने वाला हरा चारा पशुओं के लिये नुकसान देय हो सकता है।
  • छंगाणी ने बताया कि केवल हरा चारा पशुओं को खिलाने से पशुओं में पाचन संबंधी समस्याएं कब्ज एवं आफरा हो सकता है।
  • आफरे का समय पर उचित उपचार नही करवाने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
  • अतः पशुओं को हरे चारे के साथ साथ सूखा चारा खिलाना भी नितान्त आवश्यक है।
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उदयपुर। पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने बताया कि वर्षा के मौसम में हरा चारा बहुतायात उपलब्ध होने के कारण पशुपालकों द्वारा पशुओं को प्रचुर मात्रा में केवल हरा चारा खिलाया जाता है।

प्रचुर मात्रा में पशुओं को खिलाया जाने वाला हरा चारा पशुओं के लिये नुकसान देय हो सकता है। डॉ. छंगाणी ने बताया कि केवल हरा चारा पशुओं को खिलाने से पशुओं में पाचन संबंधी समस्याएं कब्ज एवं आफरा हो सकता है।

आफरे का समय पर उचित उपचार नही करवाने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। अतः पशुओं को हरे चारे के साथ साथ सूखा चारा खिलाना भी नितान्त आवश्यक है।

डॉ. छंगाणी ने बताया कि वर्षा के मौसम में अवांछित उगे खरपतवार या विषैले पौधे से पशुओं के खाने में आने से पशुओं में विषाक्ता के लक्षण दिखाई देते है। अतः पशुपालकों को वर्षा के मौसम में अपने पशुओं को इनसे भी बचाना चाहिए।