कर्मों से सिद्ध होती है सच्ची मानवता, ज्ञानदान और सेवा ही जीवन की सार्थकताःमुनि आदित्य सागर
उदयपुर। “जन्म से मानव होना महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि अपने कर्मों से मानवता को सिद्ध करना ही सच्ची मानवता है। ज्ञानदान और दीन-दुखियों की सेवा करना मानव जीवन का सबस…

