पिता ईंट ढोते थे, बेटा आज 30 हजार में एक सेशन करता है - फिर भी गरीबों का मुफ्त इलाज
पटना, कभी घर में इतनी गरीबी थी कि दो वक्त की रोटी भी सोच-समझकर जुटानी पड़ती थी। पिता राजमिस्त्री का काम करते थे। ईंट, गारा और सीमेंट से दूसरों के घर खड़े करने …
“इंसानियत” के परिणाम
पटना, कभी घर में इतनी गरीबी थी कि दो वक्त की रोटी भी सोच-समझकर जुटानी पड़ती थी। पिता राजमिस्त्री का काम करते थे। ईंट, गारा और सीमेंट से दूसरों के घर खड़े करने …
उदयपुर। रात का सन्नाटा हो या दिन की तपती धूप… फोन की घंटी बजती है और दूसरी तरफ से किसी गांव से आवाज आती है—“एक पशु घायल है, उसकी हालत बहुत खराब है।” इसके बाद य…
“इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और प्रेम सबसे सुंदर भाषा।” इसी मानवीय भावना को अपने भीतर समेटे ईद-ए-मिलाद- उन -नबी का पर्व मुस्लिम समाज के लिए अत्यंत श्रद्धा, आस्थ…
श्रीगंगानगर,ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा स्थानीय रिद्धि सिद्धि कॉलोनी (प्रथम) में स्थित केंद्र पर वरिष्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष्य में एक भावपूर्ण कार्यक्रम का …
*14 अगस्त हमारे लिए केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारतीय इतिहास का वह दिन है, जो कि इतिहास में सबसे पीड़ादायक और काले अध्याय के रूप …
हिंदू, मुस्लिम, सिख व ईसाई समाज के लोगों ने एकजुट होकर दिया भाईचारे का संदेश मुस्लिम एकता मंच की पहल