बांसवाड़ा में हरितालिका तीज पर उमड़ा आस्था का सैलाब
बांसवाड़ा/ हरितालिका तीज का पर्व रविवार को बांसवाड़ा में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने दिन भर निर्जल उपवास रखकर भगवान शिव एवं माता …
“तन” के परिणाम
बांसवाड़ा/ हरितालिका तीज का पर्व रविवार को बांसवाड़ा में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने दिन भर निर्जल उपवास रखकर भगवान शिव एवं माता …
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, विश्व संवाद केंद्र एवं रवींद्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर संयुक्त तत्वावधान में हस्तीमल व्याख्यानमाला के अंतर्गत ‘हम भ…
गणेश चतुर्थी भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें आस्था के साथ जीवन-दर्शन भी समाहित है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभारंभ का प्रतीक माना जात…
उदयपुर | मुस्कान क्लब यूथ रिविजिटेड ने साप्ताहिक विशेष के अंतर्गत हिंदी दिवस बड़े उत्साह से मनाया। सभी वक्ताओं भारत ने युवाओं में हिंदी के प्रति उदासीनता तथा ल…
उदयपुर। विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत की संभाग स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता विद्या निकेतन स्कूल से.4 की मेजबानी में शुरू हुई। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में संभागभर से 4…
बांसवाड़ा। योग योगेश्वर, युगदृष्टा श्री कृष्ण द्वारा स्थापित प्रकृति पूजा का संदेश वर्तमान में स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिए जरूरी है। श्रीमद्भागवत के दो दृष…
रक्त की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से कभी समझौता नहींःसीए (डॉ.) श्याम सिंघवीउदयपुर। श्रीमती सरला सिंघवी चेरिटेबल सोसायटी के तहत संचालित सरल ब्लड बैंक ने रक्…
उदयपुर। हलवाई व्यापार कल्याण संस्था, उदयपुर राजस्थान (रजिस्टर्ड) की ओर से हलवाई व्यापार से जुड़े व्यापारियों के सम्मान में 15 सितम्बर को सम्मान समारोह आयोजित क…
उदयपुर। बीसीआई कनेक्ट 3.0 की तैयारियों को लेकर पुरोहित कैफे में बिजनेस सर्कल इंटरेनशनल अल्फा चैप्टर की बैठक आयोजित की गई। बीसीआई अल्फा के प्रबंधन में होने वाले…
बांसवाड़ा। निवृत्ति सभी कर्मों से विरत होकर कर्म सन्यास का मार्ग है किन्तु प्रवृत्ति सभी कर्मों के फल से विरक्ति भाव रखने का मार्ग है। मतलब कार्य करो मगर तटस्थ…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, जयपुर, विश्व संवाद केन्द्र समिति, उदयपुर एवं रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हस्तीमल व्या…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …