गुजरात और मेवाड़ी संस्कृति के संगम से उठी आनंद की हिलोरें
कार्यक्रम में दिखी गुजरात की कला, संस्कृति, व्यंजन और परंपरा की झलक
“आयोजनों” के परिणाम
कार्यक्रम में दिखी गुजरात की कला, संस्कृति, व्यंजन और परंपरा की झलक
आचार्य अभिनंदन निमाई प्रभु ने दिया प्रवचन कहा - राधा के बिना श्याम आधा, कृष्ण में समाहित गोपी भाव ही है राधा