वंदे मातरम् स्वाधीनता की सामूहिक चेतना का प्रभावी प्रतीक- वासुदेव देवनानी
संविधान सुरक्षित, इसे कोई खतरा नहीं, संविधान भारत की आत्मा, भविष्य और वर्तमान हैं-विधानसभाध्यक्ष
“मंत्र” के परिणाम
संविधान सुरक्षित, इसे कोई खतरा नहीं, संविधान भारत की आत्मा, भविष्य और वर्तमान हैं-विधानसभाध्यक्ष
भगवान धनवंतरी चित्र व चरक शपथ पट्ट अनावरण
- -सुखाडिया विश्वविद्यालय को जमीन की आवश्यकता