सतरंगी फूलों की झांकी के बीच कल्कि स्वरूप में ठाकुर जी के दर्शन ने किया भक्तों को अभिभूत 07 Jul 2026, 16:40
संसार के रचयिता, पालक एवं इसकी प्रलय करने वाले ईश्वर को हम अपने ज्ञान के नेत्रों से जान सकते व देख सकते हैं 07 Jul 2026, 08:44
हमें अपनी जीवात्मा के आवागमन वा पुनर्जन्म तथा इसकी दुःखों से मुक्ति के उपायों का ज्ञान होना चाहिये” 05 Jul 2026, 08:55
अग्निहोत्र-यज्ञ करने से कर्तव्य-पालन होता है एवं परोपकार तथा सभी उचित कामनायें सफल होती है 29 Jun 2026, 17:45
“ऋषि दयानन्द ने वेदों में भरे ज्ञान भण्डार के सत्य व यथार्थ स्वरूप से मानव जाति को परिचित कराया” 22 Jun 2026, 18:48
“ऋषि दयानन्द ने वेदों में भरे ज्ञान भण्डार के सत्य व यथार्थ स्वरूप से मानव जाति को परिचित कराया” 22 Jun 2026, 18:48
ईश्वर का ध्यान-चिन्तन (सन्ध्या) सहित प्रतिदिन देवयज्ञ-अग्निहोत्र कर मनुष्य को अपने जीवन को शुद्ध व पवित्र बनाना चाहिये 20 Jun 2026, 18:10
ईश्वर का ध्यान-चिन्तन (सन्ध्या) सहित प्रतिदिन देवयज्ञ-अग्निहोत्र कर मनुष्य को अपने जीवन को शुद्ध व पवित्र बनाना चाहिये 18 Jun 2026, 19:01
“वैदिक धर्म त्रैतवाद, पुनर्जन्म, कर्म-फल एवं मोक्ष के सिद्धान्तों के यथार्थ एवं तर्कसंगत होने के कारण महान है” 15 Jun 2026, 18:43