गणेश चतुर्थी: विघ्नहर्ता की आराधना से आत्मविजय तक
गणेश चतुर्थी भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें आस्था के साथ जीवन-दर्शन भी समाहित है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभारंभ का प्रतीक माना जात…
“भावना” के परिणाम
गणेश चतुर्थी भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जिसमें आस्था के साथ जीवन-दर्शन भी समाहित है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभारंभ का प्रतीक माना जात…
जैसलमेर। पश्चिमी राजस्थान के सुप्रसिद्ध लोकदेवता बाबा रामदेव की अवतरण तिथि भादवा शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर रविवार को अलसुबह मंगला आरती के साथ विश्वविख्यात…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन रविवार को जप दिवस मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री म…
बांसवाड़ा। योग योगेश्वर, युगदृष्टा श्री कृष्ण द्वारा स्थापित प्रकृति पूजा का संदेश वर्तमान में स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिए जरूरी है। श्रीमद्भागवत के दो दृष…
उदयपुर। इनर व्हील क्लब दीवास द्वारा बेजुबान जानवरों की सहायता एवं संरक्षण हेतु बड़ी स्थित सपोर्ट स्ट्रेज़ उदयपुर (एनिमल शेल्टर होम ) में सेवा कार्य किया गया। अध्…
उदयपुर। आध्यात्मिक चातुर्मास की श्रृंखला में पर्युषण महापर्व के अवसर पर रविवार को वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित धर्मसभा में साध्वी गुरुवर्या श्री बहिन म.…
उदयपुर, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर उद्यम की ओर से शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ‘टीचर ट्रिब्यूट-2026’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में…
उदयपुर के साथ मेवाड़ के पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग को नई दिशा देने तथा आगामी RTTF Udaipur 2027 को लेकर उदयपुर में RTTF Udaipur Roadshow 2027 का आयोजन होटल ल…
बांसवाड़ा। निवृत्ति सभी कर्मों से विरत होकर कर्म सन्यास का मार्ग है किन्तु प्रवृत्ति सभी कर्मों के फल से विरक्ति भाव रखने का मार्ग है। मतलब कार्य करो मगर तटस्थ…
उदयपुर। पाथेय कण संस्थान, जयपुर, विश्व संवाद केन्द्र समिति, उदयपुर एवं रविन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हस्तीमल व्या…
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान में अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में चल रही ‘अपनों से अपनी बात’ कथा में भगवान जगन्नाथ की महिमा, राजा इन्द्रद्युम्न की भक्ति औ…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …