विद्यापीठ का भव्य 21वां दीक्षांत समारोह — शिक्षा, संस्कार और नवाचार का उत्सव
“चरित्र, नवाचार और समाज सेवा से ही शिक्षा होगी सार्थक” – प्रो. अरोड़ा
“सम्मान” के परिणाम
“चरित्र, नवाचार और समाज सेवा से ही शिक्षा होगी सार्थक” – प्रो. अरोड़ा
“समग्र विकास और सामुदायिक सेवा से ही संभव है राष्ट्र निर्माण - प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत