संसार के रचयिता, पालक एवं इसकी प्रलय करने वाले ईश्वर को हम अपने ज्ञान के नेत्रों से जान सकते व देख सकते हैं 07 Jul 2026, 08:44
हमें अपनी जीवात्मा के आवागमन वा पुनर्जन्म तथा इसकी दुःखों से मुक्ति के उपायों का ज्ञान होना चाहिये” 05 Jul 2026, 08:55
अग्निहोत्र-यज्ञ करने से कर्तव्य-पालन होता है एवं परोपकार तथा सभी उचित कामनायें सफल होती है 29 Jun 2026, 17:45
“ऋषि दयानन्द ने वेदों में भरे ज्ञान भण्डार के सत्य व यथार्थ स्वरूप से मानव जाति को परिचित कराया” 22 Jun 2026, 18:48
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